जागरण संवाददाता, लुधियाना। न्यू कुंदनपुरी इलाके में मंगलवार दोपहर एक अध्यापिका ने घर की छत पर आत्मदाह कर लिया। उसके जले हुए शव के साथ एक सुसाइड नोट भी मिला है। थाना डिवीजन नंबर आठ की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा दिया है और मामले की जांच की जा रही है। मृतका की पहचान न्यू कुंदनपुरी निवासी 46 वर्षीय आशा रानी के रूप में हुई। वह प्रताप कालेज में अध्यापिका थी। एसएचओ राजिंदरपाल सिंह ने बताया कि आशा की अभी शादी नहीं हुई थी। उसके पिता व भाई का भी तीन साल पहले देहांत हो चुका था।

पिछले 25 साल से उनका परिवार न्यू कुंदनपुरी में अलग-अलग घरों में किराए पर रहता आ रहा था। अब वो अपनी 78 वर्षीय मां संतोष देवी के साथ यहां रहती थी। पिछले कुछ समय से वो मानसिक तौर पर बीमार चल रही थी। बताया जा रहा है कि वो चर्म रोग से ग्रस्त थी। घर की आर्थिक हालत भी ठीक नहीं थी। रोज की तरह मंगलवार सुबह सात बजे वह घर से कालेज गई और दोपहर एक बजे छुट्टी के बाद वह घर लौट आई। वह जिस मकान में रहती है, वह दोमंजिला है। आशा और उसकी मां पहली मंजिल पर रहती है। दोपहर करीब डेढ़ बजे वो बेड का गद्दा और पेट्रोल का कैन उठाकर छत पर चली गई। वहां उसने गद्दा बिछाया, उसके ऊपर बैठ कर खुद पर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली।

घर के सामने रहने वाले एक बच्चे ने उनकी छत से धुआं उठता देख शोर मचा अपने परिवार को बताया। जब तक लोग जमा होकर वहां पहुंचे, आशा की मौत हो चुकी थी। पूछताछ में इलाके के लोगों ने बताया कि पिता व भाई की मौत के बाद आशा ने अपनी मां को संभाला था। अपनी मां की देखभाल के लिए उसने अपनी शादी तक नहीं कराई। कालेज में पढ़ाने के अलावा वो घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करती थी। दादी मां.. सामने घर में आंटी को आग लग गई इलाके की रहने वाली सुरजीत कौर ने बताया कि वो अपने घर मे बैठे हुए थे। उनका पोता उनके पास आया और कहने लगा दादी मां जल्दी चलो, सामने घर में आंटी को आग लगी हुई है। वह लोग फौरन उनके घर में गए। मगर तब तक आशा पूरी तरह से जल चुकी थी।

बहुत ही मिलनसार थी आशा

इलाके की सूरज चुग ने बताया कि आशा को वह पिछले 25 सालों से जानती हैं। आज वह किसी काम से जालंधर गई हुई थी। वहीं उन्हें फोन आया कि आशा ने सुसाइड कर लिया है। वह तुरंत जालंधर से लुधियाना पहुंची। आशा बहुत ही समझदार लड़की थी और सभी से मिलनसार थी। उसने यह कदम क्यों उठाया, उसके बारे कुछ समझ नही आ रहा। अब मां का ख्याल कौन रखेगा पड़ोस में रहने वाली मीनू ने बताया कि सुबह सात बजे के करीब वह इलाके में ही सैर कर रही थी। आशा मुझे मिली थी उसने हंस कर मुझे नमस्ते की। दोपहर को पता चला कि उसने खुदकशी कर ली। अब उसकी मां का ख्याल कौन रखेगा। आशा अपनी मां को दवाई दिलाने के लिए खुद लेकर जाती थी।

मां को मौत के बारे में नहीं बताया

जांच अधिकारी एएसआइ कृष्ण लाल ने बताया कि मृतका के घर से मिले सुसाइड नोट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सुसाइड नोट में उसने किसी को भी अपनी मौत को जिम्मेदार नहीं बताया है। उसने लिखा कि वह मानसिक तौर पर परेशान है, इसलिए अपनी मां को अकेले छोड़कर जा रही है। कृष्ण लाल ने कहा कि फिलहाल मृतका की मां संतोष को उसकी मौत के बारे में नहीं बताया गया है। मां को उनके भाई राजेश कुमार के साथ जस्सियां गांव स्थित उसके घर भेज दिया गया है। पुलिस राजेश कुमार के बयान पर ही 174 के तहत कार्रवाई कर रही है। शव का पोस्टमार्टम बुधवार को होगा।