जेएनएन, लुधियाना। नगर सुधार ट्रस्ट चेयरमैन ने नियमों के अनुसार सिटी सेंटर प्रोजेक्ट पास किया। उन्होंने प्रोजेक्ट को बिना किसी दबाव के सभी नियमों को देखते हुए सबसे अधिक बिड (टेंडर) देने वाले कांट्रेक्टर को मौका दिया, तो घोटाला कैसे हुआ।

पंजाब प्रॉसिक्यूशन विभाग के डायरेक्टर विजय सिंगला ने जिला एवं सेशन जज गुरबीर सिंह की अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पर बहस करते हुए यह दावा किया। उन्होंने कहा कि तब मुख्यमंत्री रहे कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान ही इसकी जांच शुरू करवाई थी। सरकार बदलने के बाद उन पर ही केस दर्ज हो गया। मामला दर्ज करने के बाद पुन: सिटी सेंटर केस की हुई जांच के दौरान आए तथ्यों के आधार पर कैप्टन के खिलाफ दर्ज किए गए मामले को वापस लेने के लिए नियमों के अनुसार ही क्लोजर रिपोर्ट दायर की गई है। सिटी सेंटर मामले की आज लगातार दूसरे दिन भी बहस पूरी न हो पाने के चलते अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई के लिए स्थगित कर दी।

क्या है मामला

उल्लेखनीय है कि जिला एवं सेशन जज गुरबीर सिंह ने क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख एवं विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, गवाह सुनील कुमार डे, विजिलेंस पुलिस के पूर्व जिला प्रमुख कंवलजीत सिंह संधू व पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की अर्जियों पर क्रमवार बहस सुनने के बाद उन्हें खारिज कर दिया था। आज की सुनवाई के दौरान क्लोजर रिपोर्ट व सिटी सेंटर मामले में कैप्टन अमरेंद्र सिंह सहित अन्य आरोपितों पर आरोप तय किए जाने या न किए जाने पर बहस सुनी जा रही थी, जो आज भी पूरी नहीं हो सकी।

 

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Posted By: Vipin Kumar

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