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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Politics: सुखबीर बादल ने कांग्रेस पर साधा निशाना, बाेले-गांधी परिवार के आदेश पर हुआ था सिखों का नरसंहार

By Vipin KumarEdited By:
Published: Wed, 03 Nov 2021 08:41 AM (IST)Updated: Wed, 03 Nov 2021 10:04 AM (IST)

Punjab Politics सुखबीर ने कहा कि यह फैसला सिर्फ चुनाव को देखकर किया गया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत ...और पढ़ें

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल। (फाइल फाेटाे)
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल। (फाइल फाेटाे)

जागरण संवाददाता, लुधियाना। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने मंगलवार को कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि 37 साल पहले गांधी परिवार के आदेश पर ही आज के दिन सिखों का कत्लेआम किया गया था। सुखबीर ने कहा कि मैं 1984 के नरसंहार में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं, लेकिन इस बात से दुखी भी हूं कि सिखों के कातिलों को सजा नहीं मिली। लुधियाना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जगदीश टाइटलर को दिल्ली कांग्रेस कमेटी का स्थायी सदस्य बनाने की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर पंजाब में कांग्रेसी चुप क्यों है।

उन्होंने कृषि कानून रद करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से आठ नवंबर को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र पर भी सवाल उठाए और इसे दिखावा करार दिया है। सुखबीर ने कहा कि इससे पहले भी कृषि सुधार कानूनों को लेकर सरकार ने विशेष सत्र बुलाया था और प्रस्ताव पास किया था। इसका कोई फायदा नहीं हुआ। इस बार भी ऐसा ही होगा।

अगर सही में यह लोग कृषि कानूनों को रद करवाना चाहते हैं या फिर बीएसएफ को 50 किमी तक कार्रवाई के अधिकार को रोकना चाहते हैं तो पहले इसे कैबिनेट में बिल पास करें और फिर विधानसभा में लाएं। सुखबीर ने राज्य सरकार की ओर से बिजली की दरों में तीन रुपये की कटौती को भी मजाक बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिर्फ चुनाव को देखकर किया गया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इसका विरोध किया है। कुछ पावर प्लांट को बंद करने के आदेश को भी सुखबीर ने गलत बताया। उनका कहना था कि इससे बिजली संकट बढ़ेगा।

चन्नी और सिद्धू न लड़ने की कसम खाने गए केदारनाथ

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू के एक साथ केदारनाथ के दर्शन के लिए जाने पर सुखबीर ने कहा कि वह अब न लड़ने की कसम खाने गए हैं। सुखबीर ने कहा कि यह सब नाटक है।