जागरण संवाददाता, लुधियाना: शिरोमणि अकाली दल (बादल) से अलग होकर शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) का गठन करने वाले राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींडसा 85 साल के हो गए हैं। शुक्रवार को वह अपना 86वा जन्मदिन मनाएंगे। नौ अप्रैल, 1936 को जन्मे सुखदेव सिंह ढींडसा कभी शिरोमणि अकाली दल (बादल) के कद्दावर नेता रहे। पार्टी में परिवारवाद को लेकर बढ़े तनाव के बाद उन्होंने अपने आप को शिरोमणि अकाली दल (बादल) से अलग कर लिया। पंजाब व पंथक सियासत के सुलझे हुए नेता सुखदेव ढींडसा की सियासी पारी अभी जारी है और वह पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं।

ढींडसा ने शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) का गठन किया और जुलाई 2020 में शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के प्रधान बने। इससे पहले अपने लंबे सियासी सफर के दौरान संगरूर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले सुखदेव सिंह ढींडसा 2000 से लेकर 2004 तक केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी बने। वर्तमान राज्यसभा सदस्य ढींडसा इससे पहले 1998 से लेकर 2004 तक भी राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। सुखदेव सिंह ढींडसा को 26 जनवरी, 2019 की पुरस्कार सूची में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 11 मार्च, 2019 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह के दौरान उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार प्रदान किया। उनके बेटे परमिंदर सिंह ढींडसा पिछली अकाली-भाजपा सरकार में पंजाब के वित्तमंत्री थे।

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