जागरण टीम, बठिंडा/बरनाला। नशा तस्करी के आरोप में बरनाला जेल में बंद विचाराधीन कैदी ने जेल प्रशासन पर मारपीट करने व उसकी पीठ पर आतंकवादी लिखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला पटियाला के गांव बल्लमगढ़ के रहने वाला आरोपित कर्मजीत सिंह मानसा में 2020 में दर्ज एनडीपीएस के एक केस में जेल में बंद है। उसे आरोपों के बाद राजनीति भी गरमा गई है। बुधवार को मानसा के सीजेएम की अदालत में पेश किया गया। यहां कर्मजीत ने आरोप लगाया कि जेल में उसे और अन्य कैदियों की बुरी तरह पीटा जाता है। उसे गर्म सरिए पीटकर जेल अधिकारियों ने उनकी पीठ पर आतंकवादी भी लिख दिया। उसने अदालत परिसर में टी-शर्ट उतारकर अपनी पीठ भी दिखाई।

कर्मजीत की वकील बलवीर कौर ने कहा कि अदालत ने बरनाला के सीजेएम-कम-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उधर, अकाली नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट कर कहा कि यह घटना निंदनीय है और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। सिरसा ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मामले की जांच की मांग की। इसके बाद गृह व जेल विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने एडीजीपी (जेल) को इस मामले की जांच करने और कर्मजीत का मेडिकल करवाने के आदेश दिए हैं।

डीआइजी फिरोजपुर सर्किल को जांच के आदेश

एडीजीपी (जेल) पीके सिन्हा ने कहा कि डीआइजी फिरोजपुर सर्किल तजिंदर सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है और वह कल बरनाला जाकर इसकी जांच करेंगे। वहीं, बरनाला जेल के सुपरिटेंडेंट बलवीर सिंह ने कर्मजीत के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि कैदी ने झूठी कहानी बनाई है। वह पहले भी कई अन्य जेलों में खुद को आग लगाने की कोशिश कर चुका है। उनके पास इसके सबूत भी हैं। वह जेल में नशे और मोबाइल के साथ भी पकड़ा गया है।

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Edited By: Pankaj Dwivedi