जागरण संवाददाता, पटियाला। Punjab Power Crisis पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकाम) के लिए प्रदेश में निर्विघ्न बिजली सप्लाई लगातार चुनौती बनी हुई है। कोयले का संकट दूर न होने के कारण ज्यादा मुश्किल आ रही है। इसी बीच बुधवार रात करीब पौने एक बजे तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का एक यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद कर दिया गया, जबकि लहरा मोहब्बत प्लांट में कोयले की कमी के कारण एक यूनिट बंद करना पड़ा। दोनों यूनिटों के बंद होने से 1990 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हो गया है।

बिजली की मांग पूरा करने के लिए वीरवार को 10.09 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से पावरकाम ने 27.64 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी। प्रदेश में वीरवार को बिजली की मांग 8,000 मेगावाट दर्ज की गई। इसके मुकाबले 250 मेगावाट बिजली की कमी रही। लहरा मोहब्बत और तलवंडी साबो थर्मल प्लांटों की एक-एक यूनिट तकनीकी कारणों से पहले ही बंद है, जबकि रोपड़ थर्मल प्लांट की यूनिट नंबर तीन भी बंद है। बिजली की पर्याप्त सप्लाई न होने के कारण आम उपभोक्ताओं के अलावा इंडस्ट्री को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

दूसरी तरफ रंजीत सागर डैम प्रोजेक्ट की चार यूनिटों में से एक के चलने से 124 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ है। प्रदेश के थर्मल प्लांटों में कोयले की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। बुधवार को 10 रैक कोयला पहुंचा था। इस समय 49 रैक कोयला रास्ते में है। थर्मल प्लांट अपनी पूरी क्षमता से बिजली का उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। 660 मेगावाट की क्षमता वाले तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की दो यूनिट, 210 मेगावाट की क्षमता वाले रोपड़ प्लांट की एक यूनिट बंद है। इसके अलावा लहरा मोहब्बत प्लांट की भी दो यूनिटें बंद हैं।

Edited By: Vinay Kumar