यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab News: भगोड़ा करार दिए जाने से पहले मीनू मलहोत्रा के सरेंडर करने की चर्चा, जानें पूरा मामला
Meenu Malhotra Surrender पंकज मीनू मलहोत्रा पर आरोप है कि उसने गबन के पैसे जायदाद खरीदी हैं और वही अनाज ...और पढ़ें

लुधियाना, जागरण संवाददाता। विजीलेंस द्वारा दर्ज किए गए अनाज ढुलाई मामले मामले के आरोपित और पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु के पीए के तौर पर काम करने वाले मीनू पंकज मलहोत्रा द्वारा विजीलेंस के समक्ष सरेंडर करने की चर्चा है। फिलहाल, इसकी किसी भी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है। विजीलेंस द्वारा उसे भगोड़ा करार देने के लिए अदालत में कार्रवाई की जा रही थी। पंकज मीनू मलहोत्रा पर आरोप है कि उसने गबन के पैसे जायदाद खरीदी हैं और वही इस मामले में मंत्री, डिप्टी डायेरक्टर सुरेश सिंगला और ठेकेदार के बीच में सूत्रधार था।
क्या है अनाज ढुलाई मामला
विजीलेंस रेंज कार्यालय में लुधियाना की अनाज मंडियों में हुई अनाज ढुलाई के टेंडर में गबन की शिकायत नवाशहर के ठेकेदार गुरप्रीत सिंह की तरफ से की गई थी। जिसकी जांच के बाद विजीलेंस ने अनाज ढुलाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार तेलुराम, उसके दो सहयोगियों, फूड सप्लाई विभाग के अधिकारियों को 16 अगस्त को नामजद किया था। आरोप है कि पॉलिसी में फेरबदल कर तेलु राम को ठेका दिया गया था। इस घोटाले से आए पैसों को बेनामी जायदाद में लगाया गया है। विजीलेंस ने इसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को नामजद कर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने विभाग के बर्खास्त डिप्टी डायरेक्टर आर के सिंगला, पीए के तौर पर काम करने वाले पंकज मीनू मलहोत्रा और इंद्रजीत सिंह इंदी समेत 20 लोगों को अब तक इस मामले में नामजद किया है और 5 की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अन्य जिलों में भी दर्ज हुए हैं अनाज ढुलाई के गबन के मामले
विजीलेंस की तरफ से लुधियाना के बाद फिरोजपुर, बठिंडा व नवाशहर में भी अनाज ढुलाई में गडबडियों के आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। हाल ही में पूर्व कैबिनेट मंत्री आशु को नवा शहर की अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है। इससे साफ है कि सरकार किसी भी कीमत पर इस मामले में भारत भूषण आशु ओर उनके नजदीकियों को छोड़ने के मूड में नहीं है।
