जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब की सत्ता पर पहली बार काबिज हुई आम आदमी पार्टी की ओर से एक बैलेंस बजट पेश किया गया। इसमें मुख्य एजेंडे में शिक्षा व स्वास्थ्य ही रहा, जिस पर पार्टी का फोकस है। हालांकि इस बजट से कारोबारियों को कुछ मायूसी जरूर हुई। कारण, बजट में कारोबारियों की करीब 13 साल पुरानी प्रदर्शनी केंद्र की मांग पूरी नहीं हुई है और न ही किसी नए फोकल प्वाइंट की घोषणा हुई।

कुल मिलाकर सरकार के पहले बजट से लुधियाना जिले को सीधे तौर पर कोई नया प्रोजेक्ट नहीं मिला है, लेकिन बजट के प्रविधानों से लुधियाना की दशा में कुछ सुधार जरूर आएगा। इससे मौजूदा प्रोजेक्टों की रफ्तार में तेजी भी आएगी। इसके अलावा बजट में वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कई ऐसी योजनाओं की रफ्तार में तेजी लाने की बात कही है, जो पहले से चल रही हैं।

इसमें लुधियाना के कूमकलां में 950 एकड़ में बनने वाला मेगा टेक्सटाइल पार्क के लिए जमीन अधिग्रहण करने की बात अहम है। हालांकि अभी इस प्रोजेक्ट का लोग विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इस जगह पर अभी जंगल है और ये जंगल हटाकर ही प्रोजेक्ट शुरू किया जाना है।

इसके अलावा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लुधियाना को स्मार्ट बनाने, 650 करोड़ रुपये की लागत से बुड्ढा दरिया का कायाकल्प करने और शहर को नहरी पानी मुहैया करवाने की बात कही गई है। इन प्रोजेक्टों पर पहले से ही काम चल रहा है और अब इसमें तेजी लाई जाएगी। औद्योगिक नगरी लुधियाना में कारोबारी इंस्पेक्टरी राज के चंगुल में फंसकर दिक्कत में हैं। बजट के दौरान सरकार ने इंस्पेक्टरी राज खत्म करने के अपने वचन को दोहराया है। इससे यहां के उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी और उनके लिए कारोबार करना आसान होगा।

यहां मिली निराशा

प्रदर्शनी केंद्र व लाजिस्टिक पार्क के लिए करना होगा इंतजार माइक्रो स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) के गढ़ के उद्योगपति पिछले 13 साल से प्रगति मैदान की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक प्रदर्शनी केंद्र की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें उत्पादों की मार्केटिंग के लिए एक सशक्त प्लेटफार्म मिल सके, लेकिन बजट में इसे लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। साफ है कि अभी लुधियाना को इन सुविधाओं के लिए और इंतजार करना होगा। पिछले बजट में कांग्रेस सरकार ने लुधियाना में प्रदर्शनी केंद्र बनाने के लिए 125 करोड़ रुपये देने का एलान किया था, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। इतना ही नहीं, चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी यहां कारोबारियों से प्रदर्शनी केंद्र बनाने का वादा किया था।

महिलाओं के हास्टल बनाने का सपना भी अधूरा

लुधियाना में टेक्सटाइल उद्योग में अधिकतर महिलाएं गांवों से आकर काम कर रही हैं। उनके लिए हास्टल की सुविधा अनिवार्य है। पिछले बजट में महिलाओं के लिए हास्टल बनाने के लिए सात करोड़ रुपये का फंड रखा गया था, लेकिन शहर में आज तक कोई हास्टल नहीं बना और उद्योगपति आज भी इसकी मांग कर रहे हैं, ताकि गांवों से आने वाली महिलाओं के लिए रहने का इंतजाम हो सके। इंडस्ट्री के लिए कोई ठोस नीति नहीं कारोबारियों को उम्मीद थी कि नई सरकार पहले बजट में कारोबारियों को लुभाने के लिए कोई नई औद्योगिक ला सकती है, लेकिन इस बजट से उन्हें निराशा ही मिली है। इसके अलावा भी इंडस्ट्री की कई उम्मीदें बजट में पूरी नहीं हुई हैं। उद्यमी मानते हैं कि नए निवेश के साथ-साथ मौजूदा इंडस्ट्री को संभालने का भी इंतजाम सरकार को करना होगा, तभी अर्थव्यवस्था का पहिया तेजी से घूम पाएगा।

यहां जगी उम्मीद

लुधियाना को व्यापारियों को मिल सकता है प्रतिनिधित्व सरकार ने व्यापारियों व कारोबारियों की समस्याओं के हल के लिए बजट में व्यापारी आयोग का गठन करने की घोषणा की है। इसमें कहा गया है कि आयोग में व्यापारियों व कारोबारियों को ही शामिल किया जाएगा। इस आयोग से तालमेल कर सर प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए काम करेगी। अब उम्मीद है कि प्रदेश का औद्योगक शहर होने के नाते लुधियाना के व्यापारियों व कारोबारियों को इसमें प्रतिनिधित्व मिलेगा। वे व्यापारियों की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगे और इससे दिक्कतों का समाधान तेजी से होगा।

फोकल प्वाइंट्स की दशा सुधरेगी, इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत

बजट में औद्योगिक फोकल प्वाइंट्स की दशा सुधारने के लिए 100 करोड़ का प्रविधान किया गया है। प्रदेश के सबसे बड़े फोकल प्वाइंट लुधियाना में हैं और इनकी दशा काफी खराब है। बजट में फंड आवंटन से फोकल प्वाइंट में उद्योगों को बुनियादि सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने पंजाब को औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की बात की है, जिसका सीधा लाभ लुधियाना को होगा। यहां पर औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।

शिक्षा व चिकित्सा का स्तर भी बढ़ेगा, विद्यार्थियों व अध्यापकों को होगा लाभ

बजट में सरकार ने स्कूलों को माडल बनाने, डिजिटल क्लासरूम बनाने का भी प्रविधान रखा है। इससे लुधियाना के भी सरकारी स्कूलों का स्तर बेहतर होगा। विद्यार्थियों को उच्च स्तर की शिक्षा मिल सकेगी। अध्यापकों के ऊपर डाले गए कई कामों का बोझ खत्म करने की बात भी वित्त मंत्री ने कही है। इससे अध्यापक वर्ग भी खुश है। इसके अलावा सरकार ने प्रदेश में 16 नए मेडिकल कालेज खोलने की बात कही है। इसमें लुधियाना को भी मेडिकल कालेज मिलने की संभावना है, जोकि जनहित में है।