विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

High Court की कड़ी टिप्पणी, जनता की सुविधा की खातिर सड़कें बनाना जरूरी पर पेड़ों की नहीं हो कटाई

By Vipin KumarEdited By:
Published: Sat, 30 Oct 2021 04:44 PM (IST)

कोरोना काल के दौरान आक्सीजन की किल्लत के कारण लोगों की हुई दयनीय दशा के मद्देनजर अदालत ने विभाग को ...और पढ़ें

संगरूर में श्री महाकाली देवी मंदिर रोड पर से काटे गए हरे भरे पेड़। (फाइल फोटो)
संगरूर में श्री महाकाली देवी मंदिर रोड पर से काटे गए हरे भरे पेड़। (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, संगरूर। काली माता मंदिर रोड को डबल करने की खातिर लोक निर्माण विभाग द्वारा काटे गए दो दर्जन से अधिक विशालकाय पेड़ों के मामले में पंजाब एड हरियाणा हाई कोर्ट में विचाराधीन केस की शुक्रवार को सुनवाई हुई। पेड़ों की कटाई के साथ ही पटीशनर ने शहर के अन्य हिस्सों में सड़क के निर्माण की खातिर पेड़ों की अवैध कटाई संबंधी भी अदालत को अवगत करवाया था।

कोरोना काल के दौरान आक्सीजन की किल्लत के कारण लोगों की हुई दयनीय दशा के मद्देनजर अदालत ने विभाग को पेड़ों की कटाई पर कड़ी फटकार लगाई थी। वहीं अब संबंधित विभाग ने लोगों की जरूरत दर्शाते हुए सड़कों के निर्माण को अति आवश्यक बताया है, जिस पर अदालत को भरोसा भी दिलाया है कि अब शहर में सड़कों के निर्माण के दौरान किसी हरे भरे पेड़ की कटाई नहीं करेंगे। मामले में अदालत ने अगली पेशी 15 नवंबर मुकर्रर कर दी है। वहीं पौने तीन करोड़ के निर्माण अधीन गेटों के निर्माण को आगे बढ़ाने बाबत कोई अादेश जारी नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि स्थानीय महाकाली माता मंदिर से वाल्मीकि चौक तक सड़क को डब्ललाइन करने तथा शहर में पौने तीन करोड़ रुपये की लागत से बन रहे स्वागती गेट के निर्माण की खातिर लोक निर्माण विभाग द्वारा पटियाला गेट बाहर रोड किनारे लगे विशाल हरे भरे पेड़ों को काट दिया गया। बेशक पेड़ों की कटाई के खिलाफ शहर के वातावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन, नगर कौंसिल, लोक निर्माण मंत्री, मुख्यमंत्री पंजाब के पास गुहार लगाई, लेकिन किसी ने भी वातावरण प्रेमियों की फरियाद पर गौर नहीं किया व दो दर्जन से अधिक पेड़ों की काट दिया गया। वातावरण प्रेमियों के कड़े विरोध के बाद भी लोक निर्माण विभाग ने अपनी मनमानी करते हुए पेड़ों की कटाई जारी रखी। लिहाजा वातावरण प्रेमियों ने लोक निर्माण विभाग द्वारा काटे गए पेड़ों के मुद्दे को लेकर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सड़कें बनाएं, लेकिन पेड़ों की न हो कटाई

अदालत में विभाग ने पक्ष रखा है कि सड़कों का निर्माण आम लोगों की खातिर बेहद जरूरी है। सड़कों के निर्माण को रोका नहीं जा सकता। किंतु भविष्य में शहर में बनने वाली सड़कों के निर्माण दौरान पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी। सड़कों का निर्माण आगे बढ़ाया जाएगा, जिसमें पेड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। इलाके में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों की कटाई न की जाए। पेड़ों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को सुविधा मिल सकें, लेकिन पेड़ों को कोई क्षति न पहुंचे।

पटियाला बाईपास से नानकियाना चौक रोड पर कटे कई पेड़

गौर हो कि पटियाला बाईपास से नानकियाना चौक की तरफ सात करोड़ की लागत से सड़क का नवीनीकरण किया जाना है। इसके कार्य के आरंभ दौरान दर्जनों पेड़ों को काट दिया गया, लेकिन माननीय हाईकोर्ट में चल रहे इस मामले दौरान उक्त रोड पर पेड़ों की कटाई को भी रखा गया तो पेड़ों की कटाई को रोक दिया गया। इस रोड के साथ की साइकलिंग सर्विस रोड भी बनाया जाना है, जहां से साइकिल सवार गुजर सकेंगे। सात करोड़ के इस प्रोजेक्ट में पचास से अधिक पेड़ों की कटाई की जानी थी, लेकिन अब इन पेड़ों के सुरक्षित बचे रहने की उम्मीद है।

स्वागती गेटों का निर्माण अभी लंबित

शहर में पौने तीन करोड़ की लागत से बन रहे चार स्वागतों गेटों का निर्माण अभी लटका ही रहेगा। अदालत में इन स्वागती गेटों के निर्माण दौरान नियमों का उल्लंघन करने व बिना मंजूरी निर्माण किए जाने का मुद्दा भी रखा गया था, जिसके बाद विभाग ने अगले आदेशों तक गेटों के निर्माण को बंद कर दिया गया था, जिसके चलते अभी इनका निर्माण चालू होने बाबत कोई फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में अगले पेशी तक गेटों का निर्माण बंद ही रहेगा।