विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Air Pollution: मंडी गोबिंदगढ़ राज्य में सर्वाधिक प्रदूषित, एक्यूआइ 390, लुधियाना भी 300 पार

By Jagran NewsEdited By: Vinay kumar
Published: Thu, 03 Nov 2022 10:40 PM (IST)

पंजाब में पराली जलाने के बढ़ते मामलों के बीच प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। वहीं लोगों को सांस ...और पढ़ें

मंडी गोबिंदगढ़ वीरवार को राज्य में सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा है।
मंडी गोबिंदगढ़ वीरवार को राज्य में सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा है।

जागरण संवाददाता, पटियाला। पंजाब में पराली जलाने के बढ़ते मामलों के बीच प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। स्माग के कारण स्थिति काफी खराब हो गई है। लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फतेहगढ़ साहिब जिले का मंडी गोबिंदगढ़ वीरवार को राज्य में सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा। यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 390 रिकार्ड किया, जो बुधवार के मुकाबले 288 अंक ज्यादा है।

वहीं, लुधियाना का एक्यूआइ भी 320 दर्ज किया गया, जो बुधवार की तुलना में 49 अंक अधिक रहा। दोनों शहरों में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में आ गई है। इसी तरह पटियाला के एक्यूआइ में 67, जालंधर में 60 और अमृतसर में 21 अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में वीरवार को 2,666 स्थानों पर पराली जलाई गई।

पंजाब में अब तक पराली जलाने की कुल घटनाएं 24,146 पहुंच गई हैं। पिछले वर्ष तीन नवंबर तक पराली जलाने के 20,433 मामले सामने आए। यानी इस वर्ष अब तक 3713 मामले ज्यादा आए हैं। वीरवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री भगवंत मान के जिले संगरूर में सबसे ज्यादा 452 स्थानों पर पराली जलाई गई।

बठिंडा में 336, बरनाला में 254, मानसा में 205, मोगा में 180, पटियाला में 168, मुक्तसर में 155, फिरोजपुर में 269, फरीदकोट में 130, तरनतारन में 103 और लुधियाना जिले में 119 केस आए।

पांच दिन का एयर क्वालिटी इंडेक्स

  • शहर                   3 नवंबर        2 नवंबर        1 नवंबर        31 अक्टूबर
  • मंडी गोबिंदगढ़      390            102              121             232
  • लुधियाना              320            271              299             211
  • पटियाला              277            210              240             225
  • अमृतसर              224            203              194             202
  • जालंधर               215            155               173             165

सीजन के अंत में पिछले वर्ष के मुकाबले कम रहेंगी कुल घटनाएं: विग

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन डा. आदर्शपाल विग ने कहा कि इस बार भले ही अभी तक पराली जलाने के मामले पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा हैं, लेकिन अंत तक यह आंकड़ा पिछले वर्ष के मुकाबले कम ही रहेगा। बड़ी संख्या में किसानों ने नए प्रोजेक्ट के तहत पराली जलाने के बजाय उसका निस्तारण किया है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर भी कम होगा।