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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab: अगले मानसून तक जल जमाव से मिलेगी निजात, NHAI ने 50 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए लगाए टेंडर

By Vipin KumarEdited By:
Published: Thu, 12 Aug 2021 11:24 AM (GMT+05:30)

पानीपत-जालंधर नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सोमा कंपनी ने यह सब काम करना था ...और पढ़ें

जालंधर-पानीपत नेशनल हाईवे पर जल जमाव की समस्या को लेकर दैनिक जागरण में प्रकाशित खबरों की कटिंग। (जागरण)
जालंधर-पानीपत नेशनल हाईवे पर जल जमाव की समस्या को लेकर दैनिक जागरण में प्रकाशित खबरों की कटिंग। (जागरण)

लुधियाना, [राजेश भट्ट]। जालंधर-पानीपत नेशनल हाईवे पर पंजाब के अधीन आने वाले 173 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में जल जमाव की समस्या को दूर करने के लिए आखिरकार नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (NHAI) ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। हाईवे अथारिटी ने अधिकारियों का दावा है कि अगले साल मानसून सीजन तक हाईवे पर खासकर शहरी क्षेत्रों में जल जमाव की समस्या को दूर कर दिया जाएगा। इसे लेकर पानीपत से जालंधर तक 50 से ज्यादा जगहों पर रेन वाटर हार्वेसिटंग सिस्टम लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।

इस साल मानसून सीजन खत्म होने के तुरंत बाद इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। इस काम पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही एनएचएआइ ने जल जमाव से निजात पाने के लिए के एक डीपीआर कंसल्टेंट भी नियुक्त किया है जो बारिश के पानी की निकासी के लिए योजना तैयार करेगा।

दैनिक जागरण के साथ बातचीत करते हुए पानीपत-जालंधर नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सोमा कंपनी ने यह सब काम करना था लेकिन कंपनी ने सही ढंग से काम नहीं किया। इस कारण इस कंपनी को टíमनेट कर दिया है। अब हाईवे अथारिटी नए सिरे से काम करवा रही है। पानी की निकासी के लिए जो ड्रेन बनाई गई है लेकिन कई जगहों पर निकासी के लिए जगह नहीं है। इसी कारण यह समस्या बनी हुई है।

उन्होंने माना कि सबसे ज्यादा समस्या शहरी क्षेत्रों में है। जिसे दूर करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर काम किया जा रहा है जो उच्च गुणवत्ता वाले होंगे। इन्हें शहरों में उन जगहों पर लगाया जाएगा जहां से पानी की निकासी किसी नाले या दरिया में नहीं की जा सकती है।

सर्वे के बाद बनेगी डीपीआर

वीरेंद्र सिंह ने कहा डीपीआर कंसल्टेंट ने भी नियुक्ति के बाद सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे रिपोर्ट के बाद ड्रेनेज के लिए नए सिरे से डीपीआर बनाई जाएगी। अगले साल तक यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इस साल जहां भी जल जमाव की ज्यादा समस्या आई है वहां पर पंप लगाकर पानी निकाला गया है। लुधियाना में ओसवाल अस्पताल से पानी बुड्ढा दरिया की तरफ ले जाया जाएगा। काराबारा चौक से भी पानी बुड्ढा दरिया की तरफ पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए ड्रेन तैयार की जा रही हैं।