लुधियाना, जेएनएन। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्र और पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि ताजपुर रोड पर बन रहे दो कॉमन एफ्ल्यूऐंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की बकाया सब्सिडी का भुगतान तीन हफ्ते में किया जाए। एनजीटी के इस आदेश के बाद पंजाब डायर्स एसोसिएशन को उम्मीद है कि वर्ष 2010 में शुरू की मेहनत वर्ष 2020 में पूरी हो सकती है।

एसोसिएशन-पीडीए के महासचिव बॉबी जिंदल ने कहा कि ताजपुर रोड पर 40 एमएलडी एवं 50 एमएलडी के दो सीईटीपी स्थापित किए जा रहे हैं। इन दोनों सीईटीपी की लागत 130 करोड़ रुपये है। दोनों प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 15-15 करोड़ एवं प्रदेश सरकार ने 7.5-7.5 करोड़ रुपये की सब्सिडी देनी है। बकाया रकम एसोसिएशन से जुड़े उद्यमियों ने लगानी है।

नियम के अनुसार पंजाब सरकार पहले पैसे देगी और केंद्र सरकार बाद में, लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक पीडीए को दोनों सीईटीपी प्लांट्स के लिए सिर्फ डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये ही दिए हैं और केंद्र सरकार ने 3-3 करोड़ ही दिए हैं। पंजाब सरकार द्वारा अपने हिस्से का 6-6 करोड़ रुपये नहीं देने से केंद्र अपने हिस्से का पैसा 12-12 करोड़ भी नहीं दे पा रहा, जिस कारण यह प्रोजेक्ट लगातार लेट हो रहा है। इस कारण पीडीए पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ दोबारा एनजीटी की शरण में चला गया।

बॉबी जिंदल ने कहा कि एनजीटी में पीपीसीबी के मेंबर सेक्रेटरी को 13 अप्रैल को पेश होने के लिए बोला था लेकिन कोविड-19 के कारण कोर्ट बंद हो गए थे। अब एनजीटी ने सुनवाई करके केंद्र एवं राज्य सरकारों को आदेश जारी किए हैं। बॉबी जिंदल ने कहा कि सरकार से सब्सिडी आने पर उम्मीद है कि ये सीईटीपी शीघ्र ही ऑपरेशन में आ जाएंगे।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!