पटियाला, जेएनएन। Navjot Singh Sidhu In Jail: 34 साल पुराने रोड रेज मामले में सजा सुनाए जाने के बाद पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की बीती रात पटियाला जेल में कटी। उनको अब नया नाम कैदी नंबर 241383 का मिला है। रात में जेल मेंं सिद्धू काे जेल की लाइब्रेरी के आहते में रखा गया। वह जेल में शिरोमणि अकाली दल के नेता व धुर विरोधी बिक्रम सिंह मजीठिया के पड़ोसी हैं। 

बेचैन भी दिखे नवजोत सिंह सिद्धू , चार माह बाद ही मिल सकती है पैरोल

जेल सूत्राें से मिली जानकारी के अनुसार उनको जेल में अब बैरक नंबर 10 अलाट किया गया है। यह भी पता चला है कि सिद्धू ने रात में जेल में मिलने वाली रोटी और दाल नहीं खाई। उन्‍होंने खुद काे गेहूं से एलर्जी का हवाला  दिया। जेल सूत्रों ने बताया कि सिद्धू ने फ्रूट और सलाद ही खाया। 

सेंट्रल जेल के बैरक नंबर 10 में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ पांच अन्य कैदी बंद हैंं। बैरक छोटी होने की वजह से इसमें चार से पांच कैदी ही बंद रहेंगे। सुबह जल्दी उठने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू कुर्ता पजामा पहन कर बैरक में बैठे रहे।

सिद्धू जेल में मजीठिया की बैरक से करीब 500 मीटर की दूरी पर रहेंगे। जानकारी के अनुसार मजीठिया को बैरक नंबर 11 में रखा गया है। सिद्धू और मजीठिया की बैरकों के बाहर सुरक्षा के अतिरिक्‍त इंतजाम किए गए हैं

जेल सूत्रों की मानें तो नवजोत सिंह सिद्धू  रात में थोड़े बेचैन भी दिखे। सेंट्रल जेल की लाइब्रेरी के अहाते में वह रात भर रहे और आज उनको बैरक नंबर 10 में शिफ्ट किया जाएगा। यहां से बिक्रम मजीठया की बैरक 800 मीटर दूर है। जेल प्रशासन ने शुक्रवार सुबह ही अहाते के पास सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए थे। सिद्धू को कैदियों वाली पोशाक पहननी होगी, जबकि मजीठिया सामान्य कपड़े पहन सकते हैं, क्योंकि वह हवालाती हैं।

सप्ताह में 2 दिन ही मिल पाएंगे सिद्धू अपने समर्थकों और परिवार से

नवजोत सिंह सिद्धू सप्ताह में 2 दिन ही अपने परिवार और समर्थकों से मिल पाएंगे । जेल नियमों के अनुसार कैदी मंगलवार और शुक्रवार को अपने स्‍वजनों से मिल सकते हैं। सप्ताह के बाकी दिन सोमवार से लेकर शनिवार तक अंडर ट्रायल कैदियों को मिलने का समय दिया गया है। जेल में बंद बिक्रम सिंह मजीठिया अंडर ट्रायल कैदी होने की वजह से बाकी दिन मुलाकात कर सकते हैं। 

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ऐसी रहेगी सिद्धू की दिनचर्या..

  • -साढ़े पांच बजे दिन की शुरुआत, चाय के साथ बिस्किट या काले चने
  • -सेंट्रल जेल में कैदियों के दिन की शुरुआत साढ़े पांच बजे होती है।
  • -सुबह सात बजे चाय के साथ बिस्किट या काले चने दिए जाते हैं।
  • -साढ़े साढ़े आठ बजे छह रोटियां, दाल या सब्जी दी जाती है।
  • -इसके बाद कैदियों को जेल अधिकारियों की तरफ से सौंपा गया काम करना पड़ता है।
  • -शाम साढ़े पांच बजे काम से छुट्टी होती है।
  • -शाम छह बजे रात के खाने के लिए छह रोटियां, दाल या सब्जी दी जाती है।
  • -शाम सात बजे कैदियों को बैरक में भेज दिया जाता है।
  • -रोज का काम शुरू करने से पहले और बैरक में जाने से पहले कैदी जेल परिसर में बने धार्मिक स्थलों में प्रार्थना कर सकते हैं।

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जेल में सिद्धू को दिया गया यह सामान

  •  - एक कुर्सी-टेबल।
  • - एक आलमारी। 
  • - दो पगड़‍ियां। 
  • -दो बैड शीट।
  • - एक मच्‍छरदानी।
  • - तीन अंडरवियर और बनियान। 
  • -दो तौलिये। 
  • -एक कापी-पेन। 
  • -एक जोड़ी जूता।
  • - दो तकिया कवर। 
  • - चार कुर्ता पायजामा।   

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सिद्धू से मांगे गए पांच फोन नंबर

जेल में नवजोत सिंह सिद्धू से पांच फोन नंबर मांगे गए। इन लोगों से ही वह जेल से बात कर सकेंगे। इसके लिए समय अलाट किया जाएगा।  

डाक्टर की सलाह के अनुसार डाइट की मांग

नवजोत सिद्धू के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि सिद्धू ने अर्जी लगाकर सेहत का हवाला देते हुए जेल में मिलने वाले खाने की जगह डाक्टर की सलाह के अनुसार डाइट प्लान के अनुसार खाना मुहैया करवाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने कोई अन्य सुविधा की मांग नहीं की।

चार महीने बाद पैरोल की आस

नियमों के अनुसार सिद्धू को सजा सुनाए जाने की तारीख से चार माह बाद उनके व्यवहार और जेल सुपरिंटेंडेंट की रिपोर्ट के आधार पर पैरोल मिल सकती है। केस प्रोफाइल को ध्यान में रखते हुए, इस संबंध में पंजाब सरकार की ताजा अधिसूचना के अनुसार सिद्धू को कम से कम 28 दिनों की पैरोल मिल सकती है।

Edited By: Sunil Kumar Jha