पटियाला [प्रेम वर्मा]। पंजाब में प्लास्टिक प्रदूषण (Plastic pollution) कम करने के लिए मल्टीलेयर प्लास्टिक को रियूज करने का चार माह से बंद पड़ा प्रोजेक्ट जल्द शुरू होगा। इस प्रोजेक्ट को चलाने वाली पंजाब प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सोसायटी (PPWMS)और पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (PPCB) में चार माह से तालमेल नहीं हो पाया था। अब मेंबर सेक्रेटरी ने उक्त सोसायटी को पत्र लिखते हुए इस प्रोजेक्ट को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

दो हफ्ते पहले प्रोजेक्ट पर PPWMS ने काम शुरू करना था। ऐसे में पंजाब के सात शहरों पटियाला, अमृतसर, बठिंडा, रोपड़, मोहाली, नवांशहर व मूनक में प्लास्टिक के लिफाफों की भरमार हो गई है। उद्यमियों का कहना है कि यदि जल्द ही इन्हें रियूज के लिए इस्तेमाल करते हुए माल नहीं मंगवाया तो कारोबारी इसे डंप करने को मजबूर हो जाएंगे। इससे वातावरण प्रदूषित होने का खतरा भी है।

तीन साल पहले शुरू हुआ था प्रोजेक्ट

देशभर में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए 2017 में पंजाब प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सोसायटी (PPWMS) का गठन हुआ था। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के पूर्व चेयरमैन काहन सिंह पन्नू की अध्यक्षता में बनी इस सोसायटी में विभिन्न कंपनियों के करीब 35 सदस्यीय बोर्ड बना था। इसका पंजाब में ब्रांडेंड कंपनियों के खाने की वस्तुओं की पैकिंग वाले प्लास्टिक लिफाफों को एकत्र करने के बाद इनका रियूज करना काम था। शुरुआत में करीब साढ़े तीन हजार टन प्लास्टिक लिफाफों को रियूज किया था, जिसके बाद करीब पांच हजार टन प्लास्टिक एकत्र करके रियूज हुआ था। प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए 2020 में 12 हजार टन प्लास्टिक एकत्र कर रियूज का टारगेट रखा गया था।

ऐसे होता है प्लास्टिक रियूज

मल्टीलेयर प्लास्टिक को एकत्र करने के बाद इसके छोटे पीस को सड़कों को बनाने के काम में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, इन प्लास्टिक से फर्नेंस तेल की तरह तेल निकाला जाता है, जिसे जलाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। पंजाब में लागू इस प्रोजेक्ट के तहत PPCB के निर्देशों पर मंडी बोर्ड व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने सड़कों के काम में शामिल कर लिया था।

स्टॉक पड़ा है, किसे भेजें : अशोक सिंगला

पटियाला में मल्टीलेयर प्लास्टिक कलेक्शन सेंटर के संचालक व इंडस्ट्रियलिस्ट अशोक सिंगला ने कहा कि पिछले पांच महीने से उनके पास स्टॉक पड़ा है। ऐसे ही हालात अन्य शहरों में भी है। यदि जल्द ही हल नहीं निकाला गया, तो प्लास्टिक संभालना मुश्किल हो जाएगा।

सोसायटी को निर्देश किए जारी : सेक्रेटरी

PPCB के मेंबर सेक्रेटरी करूणेश गर्ग ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर सोसायटी से बात चल रही है। सोसायटी ने टारगेट कम करने की अपील की थी, लेकिन हालात देखते हुए टारगेट कम नहीं किए जा सकते हैं। कोरोना वायरस की महामारी के कारण प्रोजेक्ट में दोबारा शुरू करने में देरी हुई है, जल्द ही प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा।

 

Edited By: Kamlesh Bhatt

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