जेएनएन, लुधियाना। बुड्ढा दरिया की सफाई को लेकर शहरवासियों को पंजाब सरकार के बजट से बेहद उम्मीदें थी, लेकिन पंजाब सरकार के बजट ने शहरवासियों के साथ-साथ मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लोकसभा चुनाव सिर पर हैं ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि लुधियाना को बजट में कोई बड़ा प्रोजेक्ट जरूर मिलेगा, लेकिन केंद्रीय योजनाओं की मैचिंग ग्रांट के अलावा शहर के हाथ सिर्फ बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए 4.38 करोड़ रुपये रुपये लगे।

बुड्ढा दरिया की सफाई के लिए दिया गया फंड भी ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है। क्योंकि लुधियाना पूर्वी के विधायक संजय तलवाड़ ने दरिया की सफाई और दोनों तरफ सड़क व रिटेनिंग वॉल बनाने के लिए 70 करोड़ रुपये मांगे थे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दरिया की सफाई के लिए सतगुरु उदय सिंह के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन किया। उसके बाद शहरवासियों में उम्मीद जगी थी कि दरिया की सफाई हो जाएगी, लेकिन बजट में दरिया की सफाई के लिए सिर्फ 4.38 करोड़ रुपये दिए जाने से साफ है कि सरकार भी दरिया की सफाई को लेकर गंभीर नहीं है। निगम अफसर भी मानते हैं कि इस राशि में दरिया के बीच से सॉलिड वेस्ट ही निकाला जा सकेगा। क्योंकि नगर निगम अपने हिस्से की सफाई के लिए ही हर साल करीब 90 लाख रुपये खर्च करता है। जबकि यह राशि पूरे दरिया की सफाई के लिए है।

शहर को मिली सिर्फ केंद्रीय योजनाओं की मैचिंग ग्रांट

लुधियाना शहर में स्मार्ट सिटी, अमरुत प्रोजेक्ट के तहत नहरी पानी की सप्लाई के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की तरफ से चलाए जा रहे हैं इसमें राज्य सरकार को मैचिंग ग्रांट देनी होती है। पंजाब सरकार ने इस बजट में इन दोनों प्रोजेक्टों के लिए राशि देने का प्रावधान रखा है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल स्मार्ट सिटी व अमरुत के तहत करवाए जाने वाले कामों को तेजी मिलेगी। इन दोनों योजनाओं के अलावा लुधियाना शहर को कोई भी नया प्रोजेक्ट नहीं मिला।

उम्मीद थी कि बजट से मिलेंगे नए प्रोजेक्ट

मेयर बलकार सिंह संधू का कहना है कि इस बजट से काफी उम्मीदें थी। शहर में बहुत से काम होने वाले हैं और नगर निगम को वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए भी सरकार विशेष फंड देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मेयर ने बताया कि बुड्ढा दरिया को साफ करने के लिए एसटीपी को अपग्रेड करना है और इसके अलावा ईटीपी लगाए जाने हैं। उम्मीद थी कि इसके लिए भी बजट में कुछ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो 4.38 करोड़ रुपये दिए हैं उससे दरिया में से सॉलिड वेस्ट की सफाई करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी व नहरी पानी की सप्लाई के लिए सरकार ने अपना हिस्सा दे दिया है। इससे शहर में स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट जल्दी से शुरू हो जाएंगे।

बिना फंड के विकास कार्य करवाना होगा मुश्किल

सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा का कहना है कि नगर निगम की वित्तीय हालत किसी से छिपी नहीं है। कर्मचारियों का वेतन देने के बाद निगम के पास जो फंड बच रहा है उससे छोटे मोटे काम ही हो पा रहे हैं, जबकि शहर में सड़क व सीवरेज के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए काफी फंड की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि बजट से बेहद उम्मीदें थीं, लेकिन कोई विशेष फंड लुधियाना शहर के लिए नहीं मिला। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए फंड मिलने से जरूर शहर में कुछ विकास कार्य हो जाएंगे।

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