देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में से एक लुधियाना ‘माय सिटी माय प्राइड’ अभियान के तहत शीर्ष पांच शहरों में भी नहीं है। यही नहीं साइकिल और होजियरी इंडस्ट्री के लिए विख्यात लुधियाना शहर अर्थव्यवस्था के मामले में पिछड़ रहा है। इसके साथ ही रहने योग्य दस शहरों की लिवेबिलिटी सर्वे रिपोर्ट में लुधियाना को 5 में से 3.12 अंकों के साथ ओवरऑल 8वां स्थान मिला है। शहर से लोगों की आशाएं काफी ज्यादा हैं। इसलिए लोगों ने सुधार के लिए वोटिंग की है।

एजुकेशन में अव्वल
‘माय सिटी माय प्राइड’ के अन्य स्तंभों की बात करें तो लुधियाना को एजुकेशन और हेल्थ दोनों में ही छठा स्थान, इन्फ्रास्ट्रक्चर में नौवां और सेफ्टी के मामले में आठवां स्थान मिला है। लुधियाना को सबसे ज्यादा 3.35 अंक अर्थव्यवस्था के मामले में मिले हैं। इसके बाद एजुकेशन (3.32), हेल्थ (3.30), इन्फ्रास्ट्रक्चर (2.90) और सेफ्टी में (2.73) मिले हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर मिले ज्यादा अंक
शहर की स्वास्थ्य सुविधाओं को लोग अच्छा बता रहे हैं। उन्होंने उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों के मामले में लुधियाना को 3.80 अंक दिए हैं। स्कूल और शैक्षणिक संस्थाओं के मामले में भी शहर को 3.74 अंक मिले हैं। स्वास्थ्य की आधारभूत सुविधाओं और दवाओं के मामले में शहर को 3.71 अंक मिले हैं। अर्थव्यवस्था के मामले में कार्य संस्कृति को लेकर 3.62 अंक और किफायती आवास, आवागमन और क्रय क्षमता के मामले में 3.55 अंक मिले हैं।

चेन स्नैचिंग है शहरवासियों की चिंता
सर्वे के मुताबिक, लुधियाना में चेन स्नैचिंग और पॉकेटमारी अपराध की घटनाओं में सबसे बड़ी समस्या हैं। शहर को सबसे कम नंबर इसी मुद्दे पर मिले हैं। इसके अलावा अवैध अतिक्रमण, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक जाम की समस्या भी लुधियाना के लोगों के लिए चिंता का विषय है। सर्वे में लुधियाना के लिए फुटपाथ की समस्या भी उभर कर सामने आई और शहर को फुटपाथ के मामले में सिर्फ 2.60 अंक मिले।

By Nandlal Sharma