संवाद सहयोगी, फरीदकोट। MBBS fees Hike: पंजाब के सभी निजी मेडिकल और डेंटल कालेजों में एमबीबीएस, एमडी, एमएस, बीडीएस और एमडीएस पाठ्यक्रमों के लिए एक समान शुल्क संरचना की घोषणा करते हुए, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए शुल्क में 5 प्रतिशत की वृद्धि की है। पहले निजी मेडिकल कालेजों में मैनेजमेंट कोटे की सीट के लिए एमबीबीएस की कोर्स फीस 47.70 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 50.10 लाख रुपये कर दिया गया है।

एक निजी मेडिकल कालेज में सरकारी कोटे की एमबीबीएस सीट के लिए पूर्ण पाठ्यक्रम शुल्क 18.55 लाख रुपये से बढ़ाकर 19.48 लाख रुपये कर दिया गया है। प्रत्येक निजी मेडिकल और डेंटल कालेज में सरकारी कोटे की सीटों के रूप में कुल सीटों का 50 प्रतिशत है। शेष 50 प्रतिशत सीटों में 35 प्रतिशत प्रबंधन कोटा और 15 प्रतिशत एनआरआइ कोटा सीटें शामिल हैं। एनआरआई कोटे की सीटों के लिए शुल्क संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है जोकि 1.10 लाख डालर पूर्ण पाठ्यक्रम शुल्क है।

चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के प्रमुख सचिव आलोक शेखर ने सत्र 2021 के लिए एमबीबीएस, बीडीएस, एमडी, एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नई अधिसूचना में इस शुल्क संरचना की घोषणा की है। राज्य के सरकारी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस कोर्स की पूरी फीस भी 7.81 लाख रुपये से बढ़ाकर 8.21 लाख कर दी गई है। क्रिश्चियन मेडिकल कालेज, लुधियाना ने एमबीबीएस कोर्स के लिए फीस स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं किया है। हर साल 10 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ इसकी फीस 6.60 लाख रुपये प्रति वर्ष रही।

अधिसूचना के अनुसार निजी और सरकारी दोनों मेडिकल कालेजों में एमडी, एमएस, बीडीएस और एमडीएस पाठ्यक्रमों के शुल्क ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तीन वर्षीय एमडी, एमएस (पाठ्यक्रमों के लिए प्रति वर्ष 6.5 लाख रुपये और एमडी, एमएस (बेसिक) पाठ्यक्रमों के लिए 2.6 लाख रुपये प्रति वर्ष चार्ज करेगा। एमडीएस (दंत विज्ञान में पीजी कोर्स) के लिए विभाग ने सालाना 5.85 लाख रुपये फीस तय की है। सरकारी कालेजों में एमडी, एमएस (क्लिनिकल) कोर्स की फीस 1.25 लाख रुपये (प्रथम वर्ष), 1.50 लाख रुपये (द्वितीय वर्ष) और 1.75 लाख रुपये (तीसरे वर्ष) है। एमडी (बेसिक साइंस) के लिए यह फीस तीन साल में 1 लाख रुपये, 1.10 लाख रुपये और 1.20 लाख रुपये है।

Edited By: Vipin Kumar