संस, लुधियाना : तपचंद्रिका श्रमणी गौरव सरलमना महासाध्वी गुरुणी मैयां वीणा म. सा. ठाणा-5 के सानिध्य में जैन स्थानक सिविल लाइंस में चातुर्मास जारी है। इस अवसर पर प्रवचन प्रभाविका साध्वी संचिता महाराज ने कहा कि जिदगी में गुरु का बहुत बड़ा महत्व होता है। आप गाड़ी में कहीं जा रहे है। गाडी बिगड़ जाए तो आप उसे गैराज में ले जाते हैं और ठीक करवा लाते हैं। इसी तरह अपने जीवन को ठीक करना है तो सदगुरु रूपी गैराज में चले जाओ। वह तुम्हें पशु से परमेश्वर बना देंगे। सदगुरु तो जीवन के मैकेनिक है। उन्होंने कहा कि वर्षा पहाड़ पर होती है, लेकिन पहाड़ कभी नहीं भरते। अरे संतों के प्रवचन में पहाड़ बनकर मत आना, अहंकार लेकर मत आना। खाली आओगे तो संत तुम्हें लबालब भर देंगे। संत तुम्हें कोई उपदेश नहीं देंगे, बल्कि जीवन का उद्देश्य बताएंगे।

इस अवसर पर महासाध्वी वीणा जी महाराज ने कहा कि शरीर मिट्टी का बना हुआ है। इससे ज्यादा यारी करना ठीक नहीं है। तुम चिन्मय हो। शरीर पैकिग है और आत्मा उसके अंदर रखा माल। कीमत पैंकिग की नहीं होता, बल्कि माल की होती है। पैकिग को उतार कर अलग कर दिया जाता है या फिर फैंक दिया जाता है। नजर माल पर रहती है, क्योंकि माल महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर चातुर्मास कमेटी चेयरमैन जितेंद्र जैन, सभाध्यक्ष अरिदमन जैन, सीनियर उपाध्यक्ष सुभाष जैन, विपन जैन, महामंत्री प्रमोद जैन, कोषाध्यक्ष रजनीश जैन गोल्ड स्टार, रविदर जैन भ्राता, विनोद जैन गोयम, मोती लाल जैन, विजय जैन, अनिल जैन बावा, संजय जैन, वैभव जैन आदि समस्त कार्यकारिणी सदस्यगण शामिल थे।

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