लुधियाना, जेएनएन। बहुचर्चित बीज घोटाले में पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की सीधी मिलीभगत सामने आने लगी है। विशेष जांच टीम ने पीएयू से बिजाई के लिए दिए गए बीज की पूरी कार्रवाई की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पीएयू किसान क्लब के सदस्य रहे बलजिंदर सिंह भूंदडी को जो बीज जांच के लिए बिजाई करने को दिया था, उसमें भी कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। पुलिस गिरफ्तार किए तीनों आरोपितों से पूछताछ में जुटी है।

कृषि विभाग के एक अधिकारी के अनुसार पीएयू की तरफ से जो बीज पीएयू क्लब के किसान को तजुर्बे के लिए उगाने के लिए दिया जाता है, उसका कोड ही किसान को दिया जाता है, लेकिन बलजिंदर सिंह भूंदडी को जो बीज उगाने के लिए दिया गया था। उसका बकायदा नाम तक सामने आ गया और मोगा के किसान ने इसे महंगे भाव पर बेचने की शिकायत तक कर दी। अब सवाल यह खड़ा हो रहा था कि कैसे भूंदडी को आने वाली बीज की वैरायटी और नाम संबंधी पता था और उसने कैसे इसे सीड्स फार्म के मालिकों को बेच दिया। इसी सवाल का जवाब जानने के लिए स्पेशल जांच टीम की ओर से एक पत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन को लिखा गया है।

चीफ एग्रीकल्चर अफसर नरिंदर सिंह बैनीपाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि बीज संबंधी जो कुछ भी पीएयू और किसान के बीच में हुआ है, वह कुछ भी सही नहीं है। सिट की ओर से पत्र लिखा गया है और पीएयू के जवाब से पता चलेगा कि कहां पर गलती हुई है और कौन अधिकारी इस पूरे प्रकरण से जुड़े हुए थे। अब इसकी जांच पीएयू की तरफ से की जानी है।

दूसरी तरफ इस मामले में पकड़े गए बलजिंदर सिंह भूंदडी, हरविंदर सिंह बराड़ और डेरा बाबा नानक के लखविंदर सिंह ढिल्लों से सीआइए एक में अधिकारियों ने रिकॉर्ड संबंधी पूछताछ की है।

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