राजेश शर्मा, लुधियाना नगर निगम चुनाव के परिणाम आने के बाद विपक्ष ने एक सुर में इसे लोकतंत्र की हत्या व गुंडागर्दी की जीत बताया है। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष दलजीत सिंह ग्रेवाल, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रविंदर अरोड़ा, शिरोमणि अकाली दल के जिला प्रधान पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों व लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस का मानना है कि अगर चुनाव निष्पक्ष होते तो नतीजे कुछ और ही होते। जाली वोट डालते पकड़ा तो भगा दिया वार्ड नंबर 13, 15 व 16 पर जाली वोट डालते हुए कुछ लोगों को पब्लिक ने काबू किया। अधिकारियों ने उन पर कार्रवाई करने की बजाय उन्हें भगा दिया। इसको क्या कहा जाए। नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। हमारी कहीं सुनवाई ही नहीं। यह लोकतंत्र की हत्या है। दलजीत सिंह ग्रेवाल, आप, जिलाध्यक्ष गुंडागर्दी से बोगस वोट डाल जीते कांग्रेसी गुंडागर्दी का नंगा नाच हुआ है इस चुनाव में। सरेआम बोगस वोट डाले गए। न पुलिस ने रोका न प्रशासन ने। गोलियां चलाकर डर का माहौल बनाया गया, जिसके चलते बेहद कम मतदान हुआ। यहीं वजह है कि लोक इंसाफ पार्टी को इतनी कम सीट मिली। सिमरजीत सिंह बैंस, विधायक, लिप पारदर्शिता से चुनाव होते तो नतीजे कुछ और होते गुंडागर्दी, फर्जी वोटिंग, प्रशासन व पुलिस से मिलीभगत तक ही बात नहीं रुकी तो कांग्रेस ने खौफ का माहौल बना दिया। चुनाव तो बस नाम के ही थे। ऐसी विपरीत परिस्थितियों में भी हमने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अगर कांग्रेस धक्केशाही न करती तो नतीजे कुछ और ही होते। रविंदर अरोड़ा, भाजपा, जिलाअध्यक्ष हद हो गई नियम तोड़ने की विधानसभा चुनाव 2017 में हम सत्ता में थे तो जनता का फैसला हमारे विपरीत आया तो हमने सहजता से स्वीकार कर लिया। हमने चुनाव में नियम नहीं तोड़े। कांग्रेस ने तो हद कर दी। पिछले दस महीनों में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। वह भलीभांति जानते थे कि निगम चुनाव हारेंगे। इसी के चलते वह धांधली पर उतरे। रणजीत सिंह ढिल्लों, शिअद, जिलाअध्यक्ष

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