जागरण संवाददाता, खन्ना: सूचना अधिकार एक्ट के अधीन मांगी गई जानकारी का जवाब एक साल में भी न देने पर बीडीपीओ खन्ना धनवंत ¨सह रंधावा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। राज्य सूचना आयोग पंजाब की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके तहत बीडीपीओ खन्ना को निजी सुनवाई का मौका देते हुए कहा गया है कि अगर वह 23 मई को स्पष्टीकरण के साथ आयोग के सामने पेश न हुए तो उन पर जुर्माना व अपीलकर्ता को उचित मुआवजा देने की एकतरफा कारवाई की जाएगी।

आरटीआइ एक्टिविस्ट संतोख ¨सह बेनीपाल ने बताया कि आरटीआइ के अधीन उन्होंने 9 जून 2017 को बीडीपीओ खन्ना से जानकारी मांगी थी कि ब्लॉक खन्ना के अंतर्गत किन-किन गांवों में 2008 से 2016 तक स्ट्रीट तथा सोलर लाईटें ग्रांट के माध्यम से लगाई गई हैं। इसके साथ में बिल तथा कोटेशन की मांग भी की गई थी। बेनीपाल ने बताया कि डीडीपीओ लुधियाना की ओर से बीडीपीओ खन्ना को 10 दिन में सूचना दिए जाने के आदेश दिए थे। इस कारण ही सूचना कमिश्नर अवतार ¨सह ने 7 फरवरी 2018 को बीडीपीओ को आदेश जारी किए थे, कि बेनीपाल को 15 दिनों के अंदर संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाई जाए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

उन्होंने कहा कि बीडीपीओ खन्ना की ओर से जानकारी एक साल से न मुहैया करवाने से स्पष्ट होता है कि सरकारी रिकार्ड में कोई बड़ा घपला है] जिसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।

Posted By: Jagran

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