जागरण संवाददाता, खन्ना : एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में सूरजमुखी और मक्की की फसल की आमद तेज हो गई है, लेकिन दोनों ही फसलों की कीमत किसानों को केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम मिल रही है। इससे किसानों को काफी घाटा पड़ रहा है। मार्केट कमेटी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार खन्ना मंडी में अब तक 6016 ¨क्वटल सूरजमुखी और 1139 ¨क्वटल मक्की बिक रही है।

सूरजमुखी का एमएसपी 4000 रुपये है और 100 रुपये केंद्र सरकार बोनस देती है। किसानों को अब तक इसकी कीमत 3100 रुपये से लेकर 3500 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही है। इसी तरह मक्की का एमएसपी 1425 रुपये प्रति ¨क्वटल है। लेकिन मंडी में किसानों को मक्की का भाव 11 रुपये से लेकर 1305 रुपये प्रति ¨क्वटल मिल रहा है। किसानों का कहना है कि इस बार दोनों फसलों का झाड़ भी कम होने से दोहरी मार पड़ रही है।

मक्की की फसल लेकर आए गुरप्रीत ¨सह इकोलाही व सूरजमुखी की फसल लेकर आए जगतार ¨सह मालेवाल और हर¨मदर ¨सह ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण ही अन्नदाता आंदोलनों के लिए मजबूर हो रहे हैं। धान और गेहूं की फसल छोड़ अगर वे नई फसल उगाते हैं तो उसमें नुक्सान हो रहा है। आढ़ती एसोसिएशन के सीनियर उप प्रधान हरबंस ¨सह रोशा ने कहा कि केंद्र की नीतियो के चलते किसान घाटे में है। इसलिए वे उनके आंदोलन का समर्थन करते हैं। किसानों को स्वामीनाथन कमीशन के अनुसार कीमत देनी चाहिए। एमएसपी से कम कीमत पर फसल नहीं बिकनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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