जागरण संवाददाता, खन्ना : मंदिर देवी दवाला में अरूण भारद्वाज की देखरेख में हवन का आयोजन कर आश्विन नवरात्र के महानुष्ठान को विराम दिया गया। इसमें नवरात्र प्रयंत पूजा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। मंदिर पुजारी मोहन ने विधिवत षोडश मातृका व नवग्रह पूजन इत्यादि करवाकर नवदुर्गा का ध्यान करवाया और आहूतियां आरम्भ करवाईं गईं। खुले प्रांगण में देवों की शक्तियों और जगदंबा के स्वरूपों के निमित मंत्रोच्चारण के साथ आहूतियों से सारा वातावरण सुगंधित व भक्तिमय हो गया। पुजारी जी ने बताया कि नौ दिनों की पूजा अर्चना के दौरान भूलवश यदि कोई न्यूनता या अधिकता हो जाए तो उसे हवन के द्वारा पूरा करने का विधान है। दुर्गा सप्तशती में दिए गए वृतांत के हवाले से माता की महिमा के बारे में बताया कि यह सारा ²श्य जगत महादेवी ही हैं और जगत की उत्पति के समय सृष्टिरूपा, पालन के समय स्थितिरूपा व कल्पान्त के समय संहाररूप धारण करने वाली जगन्मयी देवी ही हैं। इसके बाद शंखनाद व घंटे की ध्वनि के साथ माता की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा गया। सायंकाल माता के जयकारों के साथ नम आंखो से देवी प्रतिमा का जल विसर्जन करते हुए हर वर्ष हर्षोल्लास के साथ आयोजन की कामना की गई।

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