जागरण संवाददाता, खन्ना : किसान संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर में दस दिन तक शहरों में सब्जियां और दूध की सप्लाई नहीं करने के पहले ही दिन खन्ना की सब्जी मंडी में विवाद हो गया। मंडी में आ रहे किसानों को तड़के ही रोकने पहुंचे किसान यूनियन नेताओं से आढ़तियों की तीखी तकरार हो गई। इससे मंडी में तनाव पैदा हो गया। मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा। इसकी वजह से काफी देर तक मंडी में विवाद चलता रहा।

दूध और सब्जियों की बिक्री को रोकने के लिए भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के जिला प्रधान न¨रदर जीत ¨सह ईसड़ू ने शुक्रवार तड़के अपने साथियों के साथ खन्ना सब्जी मंडी पहुंचकर सब्जी बेचने आ रहे किसानों को मंडी में प्रवेश करने से रोका। उन्होंने किसानों को समझाया कि मंडी में फसल लाने की बजाय इसे गांवों में ही बेचा जाए। कुछ किसानों ने तर्क दिया कि वे रोज सब्जी बेचकर अपने परिवार पालते हैं। अगर वे ऐसा नहीं करेंगें तो उनकी सब्जी भी खराब हो जाएगी।

इस बीच यूनियन सदस्यों का मंडी के आढ़तियों से टकराव हो गया। आढ़तियों ने कहा कि यूनियन मंडी से बाहर अपना संघर्ष करे। मंडी के काम में किसी का दखल सहन नहीं होगा। इसकी भनक लगते ही डीएसपी जग¨वदर ¨सह चीमा, एसएचओ सिटी-1 अश्विनी कुमार की अगुवाई में भारी पुलिस बल तुरंत मंडी पहुंचा। पुलिस के बीच बचाव से दोनों पक्ष कुछ शांत हुए। आढ़तियों में भाजपा खन्ना मंडल प्रधान सुधीर सोनू भी थे। फोटो - 11

किसान मंडियां भी रहीं सूनी

इस बीच शहर के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग दिन लगने वाली किसान मंडी भी शुक्रवार को सूनी रही। समाधी रोड पर लगी किसान मंडी में कुछ रेहड़ी वाले तो थे, लेकिन किसान अपनी फसल लेकर नहीं पहुंचे। माल की कमी होने की वजह से ग्राहक भी बहुत कम रहा। फोटो - 12

दूध की डेयरियों के भी शटर डाउन

बंद का असर शहर में दूध की डेयरियों पर भी देखने को मिला। ज्यादातर दूध की डेयरियों पर ताले लटके रहे। यूनियन की तरफ से एक दिन पहले ही डेयरी मालिकों को बंद में सहयोग की अपील की गई थी। इसका असर भी देखने को मिला। गांव हरबंसपुरा के डेयरी मालिक ¨भदर ¨सह संधू ने बताया कि दूध का रेट कम हो रहा है। वे पूरी तरह किसान संगठनों के साथ हैं।

Posted By: Jagran

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