संवाद सहयोगी, जगराओं (लुधियाना)। जाली पत्रकार और शातिर महिलाओं का गिरोह बुजुर्गों को निशाना बना रहा है। ताजा मामले में 86 वर्षीय बुजुर्ग पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश की। इस बात का पता तब चला जब आहत बुजुर्ग मानसिक तौर पर परेशान होकर बीमार हो गया। परिवार ने जब पूछा तो उसने सारी घटना बताई। अब मामला एसएसपी चरणजीत सिंह सोहल के पास पहुंच गया है। बुजुर्ग ने आरोपितों की फोन की कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी है।

जगराओं के नजदीक एक गांव के बुजुर्ग ने बताया कि लगभग 5 वर्ष पहले उसकी पत्नी बीमार थी। तब उसे जगराओं के एक प्राइवेट अस्पताल में कई बार दाखिल करवाना पड़ा। इस दौरान वहां एक महिला काम करती थी। उस महिला ने उसकी पत्नी की सेवा की। इस कारण हम उसे अक्सर पैसे दे देते थे। कुछ दिन पहले गांव के एक गरीब महिला की बेटी की शादी पर शगुन स्कीम के दस्तावेज भरवाने के लिए वह उसके साथ मुहल्ला करनैल गेट स्थित कार्यालय में गया। वहां उन्हें प्राइवेट अस्पताल में काम करने वाली वही महिला मिल गई। उसने उन्हें पहचान लिया और कहा कि अंकल जी मेरा घर पास में ही है, आप मेरे घर में आएं और चाय पानी पीकर जाएं। मैंने उसे उस दिन इनकार कर दिया और फिर कभी आने को कह दिया। उस महिला ने उनका फोन नंबर ले लिया। बाद में वह कुछ दिन उन्हें फोन करती रही। कहती थी कि अंकल जी आप जब भी जगराओं आएं, मेरे पास होकर जाएं।

बुजुर्ग ने बताया कि उसके बाद जब वह उसी काम के लिए फिर विभाग के कार्यालय गए तो वह महिला वहां आ गई। उन्हें वही पास के एक घर में चाय पिलाने के बहाने ले गई। अभी वह चारपाई पर बैठे ही थे इतने में एक और महिला वहां पर आ गई। उसने आते ही उसके कमर से नीचे के कपड़े उतार दिए। ठीक उसी वक्त दो और लोग आ गए। उन्होंने उनकी फोटो खींचने शुरू कर दी। दोनों व्यक्तियों ने कहा कि वे पत्रकार हैं। उनकी खबर अखबार में लगाएंगे। इसके बाद एक और व्यक्ति आ गया जो कि अपने आपको मोहल्ले का प्रधान कह रहा था। उसने आते ही वहां पर सभी को डांटना शुरू कर दिया और कहा कि आप लोगों ने मोहल्ले का माहौल खराब कर रखा है ।

उसने उनसे कहा कि तुम पर पांच लाख रुपये जुर्माना और महिलाओं को 1-1 लाख जुर्माना लगेगा। जब उन्होंने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं तो वे 1 लाख रुपये मांगने लगे। इससे भी इनकार करने पर उन्होंने उन्हें डराना, धमकाना शुरू कर दिया। 

दुकानदार से दिलवाए 10 हजार रुपये

बुजुर्ग ने कहा कि उनसे पीछा छुड़वाने के लिए वह उन्हें अपनी पहचान की एक दुकान पर लेकर गए और दुकानदार से उन्हें दस हजार रुपये दिलवाए। इस पर खुद को मोहल्ले का प्रधान कहने वाले व्यक्ति ने दस हजार रुपए ले लिए और कहा कि बाकी कल दे देना। इसके बाद वे मोटरसाइकिल पर बिठाकर उन्हें एक पेट्रोल पंप पर ले गए। वहां उनका पर्स निकालकर 100 रुपये का पेट्रोल डलवाया। फिर, आधार कार्ड निकाल लिया। वे लोग पैसे लेने के लिए उन्हें बार-बार फोन करके परेशान कर रहे हैं।  

 

Edited By: Pankaj Dwivedi