भूपेंदर सिंह भाटिया, लुधियाना पंजाब की दो बड़ी पार्टियों में से एक शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल के पारिवारिक सदस्यों में से एक शख्स 'तकड़ी' के नहीं, बल्कि 'कमल' के निशान पर चुनाव मैदान में है। पूर्व मुख्यमंत्री बादल जब भी लुधियाना दौरे पर आते रहे हैं तो सर्किट हाउस की बजाए गुरमेल मेडिकल वालों के घर पर ही रुकते रहे। यह सिलसिला 1982 से चल रहा है। पिछले 36 सालों में यह परिवार बादल का अपना परिवार हो चुका है। घर के बच्चे-बच्चे को पूर्व मुख्यमंत्री पहचानते हैं। अभी भी जब पूर्व मुख्यमंत्री लुधियाना आते हैं तो उनका प्रवास वहीं रहता है। तमाम अकाली नेता उनसे मिलने वहीं पहुंचते हैं। लेकिन इस परिवार के भूपिंदर सिंह अब भाजपा के उम्मीदवार के रूप में निगम चुनाव में वार्ड 55 से अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि उन्हें बादल साहब ने तकड़ी के निशान पर चुनाव मैदान में क्यों नहीं उतारा। हालांकि उन्हें टिकट आवंटन होने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह खुद उनके निवास पर पहुंचे और उनके साथ विशेष मुलाकात की। भूपिंदर की दावेदारी में छुपा है राज निगम चुनाव में भाजपा और अकाली दल गठबंधन दलों के रूप में उतरे हैं। वार्ड 55 भाजपा के खाते में आता है और इसी क्षेत्र में गुरमेल मेडिकल वालों का निवास है। इस क्षेत्र में हमेशा से ही उनका वर्चस्व रहा है। आर्थिक रूप से मजबूत होने के अलावा इलाके में उनकी अच्छी खासी पकड़ है। पिछले दस सालों में इस इलाके में भाजपा का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार कांग्रेस के विधायक के नेतृत्व में कांग्रेस काफी मजबूत होकर उभर रही है। चूंकि भाजपा का इस क्षेत्र में मजबूत उम्मीदवार नहीं है, इसलिए उन्होंने गुरमेल परिवार के सदस्य को यहां से उतारने का फैसला किया। हालांकि भाजपा ने यह सीट अपने पास ही रखी है और भूपिंदर सिंह को अकाली दल की बजाए भाजपा के चुनाव निशान पर ही उतारा है, ताकि उनकी प्रतिष्ठा भी बनी रहे।

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