आशा मेहता, लुधियाना : मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा मंगलवार को रिश्वत लेने के मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डा. विजय सिगला को कैबिनेट से बर्खास्त किए जाने और फिर उनकी गिरफ्तारी के बाद से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। विभाग में हर कोई सरकार के सख्त एक्शन से डरा हुआ है। विभाग के कई अधिकारियों को चिता सता रही है कि वह भी किसी दूसरे के चलते कहीं किसी चक्कर में फंस न जाए। ऐसे में अफसरों ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को 'वार्निंग' लेटर जारी कर दिया है।

सिविल अस्पताल की एसएमओ की ओर से बुधवार को अधिकारियों और कर्मचारियों को एक चिट्ठी निकाली गई। इसमें लिखा कि सिविल अस्पताल या मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में दाखिल मरीज या उनके तीमारदारों किसी भी काम को करवाने के लिए पैसे का लेनदेन न किया जाए। पैसे का लेनदेन करना एक अपराध है। अगर किसी भी अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध पैसों के लेनदेन से संबंधित शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तो होगी। इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। एसएमओ की चेतावनी वाली इस चिटठी को लेकर बुधवार को पूरे अस्पताल में चर्चा रही। खासकर, मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ, क्लासफोर्थ व सफाई कर्मचारियों में खासा डर दिखा, क्योंकि अक्सर मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के परिजनों द्वारा उन पर बधाई मांगने के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

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