लुधियाना, [अर्शदीप समर]। आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) और बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकियों को पिछले काफी समय से हथियार न मिलने के कारण साजिश को अंजाम देने में कठिनाई हो रही थी। लिहाजा हथियारों की जरूरत पूरा करने के लिए केएलएफ ने गैंगस्टर्स से हाथ लिया।  इसके बाद गैंगस्टर्स ने अपने नेटवर्क का फायदा उठाते हुए केएलएफ को हथियार सप्लाई करना शुरू कर दिया।

गैंगस्टर्स से हथियार मिलने के बाद केएलएफ के आतंकियों ने अपनी साजिश को अंजाम तक पहुंचाना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदेश में हाई प्रोफाइल हत्याएं शुरू कर दी गई, ताकि माहौल खराब हो सके। मई 2016 में थाना मुल्लांपुर पुलिस ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सदस्य एनआरआइ मंदीप सिंह को गिरफ्तार किया था।

उसे फरवरी में कनाडा से भारत भेजा गया था, ताकि कुछ हाई प्रोफाइल लोगों को निशाना बनाया जा सके। यहां आकर उसने कई लोगों की रेकी की, लेकिन उसे अंजाम देने के लिए हथियार नहीं मिल रहे थे। इस बीच पुलिस को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल गई और थाना मुल्लांपुर दाखा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कनाडा में केएलएफ को भेजी गई थी गुग्गी की रिपोर्ट

कनाडा में बैठे केएलएफ के एजेंट्स ने पहले गैंगस्टर्स रमनदीप सिंह, हरदीप सिंह शेरा, जिम्मी सिंह और जगतार सिंह जौहल को वारदातों के लिए तैयार किया, लेकिन उनके पास भी हथियार नहीं थे। इस दौरान रमनदीप और नाभा जेल में बंद हरमिंदर सिंह मिंटू का संपर्क गैैंगस्टर गुगनी के साथ हो गया। तब गुगनी का रिकॉर्ड तैयार कर रमनदीन ने कनाडा भेज दिया।

कनाडा में केएलएफ के एजेंट्स ने गुगनी के नाम पर मोहर लगा दी और उसके बाद गुगनी की केएलएफ के साथ डील हो गई कि वह हथियार दिलवाएगा और इसके बदले मोटी रकम दी जाएगी। इस दौरान गैंगस्टर गुगनी व केएलएफ दोनों इकट्ठा हो गए और वारदातों के लिए हथियारों की सप्लाई शुरू हो गई थी।

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रमन ने गुगनी से कई बार जेल में जाकर की थी मुलाकात

केएलएफ के लिए काम करने वाले रमनदीप सिंह ने कई बार जेल में जाकर आरोपी गुगनी से मुलाकात की थी। हालांकि जेल प्रशासन के नियमों के मुताबिक रिश्तेदार ही मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन उसके बावजूद रमन छह से सात बार गुगनी से मुलाकात करके आया। इस दौरान हथियारों की सप्लाई को लेकर दोनों में बात हुई।

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रमन के बाद मैनेजर अनिल करता था गुगनी से मुलाकात

रमन की मुलाकात के बाद गुगनी का मैनेजर भी जेल आता था और गुगनी से मुलाकात करता था, ताकि हथियारों की सप्लाई में किसी भी प्रकार से दिक्कत न हो। उसके बाद अनिल हथियार लेकर आता था और रमन को सप्लाई करता था। इसके बाद रमन और शेरा वारदात को अंजाम देते थे।

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जौहल और जिम्मी का बढ़ा रिमांड

आरोपी जगतार सिंह जौहल और आरोपी जिम्मी को थाना सलेम टाबरी पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी जौहल को 30 नवंबर तक प्रोडक्शन वारंट पर भेज दिया है। वहीं, आरोपी जिम्मी सिंह का भी तीन दिन का रिमांड बढ़ा दिया गया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है।

इस दौरान पुलिस ने आरोपियों से पास्टर सुल्तान मसीह हत्या के मामले में कई सुबूत इकट्ठा किए हैं। पुलिस की एक टीम सुबूत इकट्ठा करने जम्मू भी गई है। जिम्मी ने जम्मू के एटीएम से पैसे भी निकलवाए थे, जो वारदात को दौरान उपयोग किए गए थे।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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