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'डिबेट' का चैलेंज पहुंचा 'डोप टेस्ट' तक, खन्ना में आमने-सामने होंगे आप, अकाली और कांग्रेस के 3 बड़े चेहरे

Published: Sun, 27 Sep 2026 07:29 AM (IST)

खन्ना में विकास कार्यों पर शुरू हुई राजनीतिक बहस अब डोप टेस्ट की चुनौती तक पहुँच गई है। कैबिनेट मंत्री ...और पढ़ें

खन्ना में आज आमने-सामने होंगे 3 बड़े चेहरे।


खन्ना में आज आमने-सामने होंगे 3 बड़े चेहरे।

HighLights

  1. खन्ना में विकास पर बहस डोप टेस्ट की चुनौती में बदली

  2. मंत्री सौंध, यादू और कोटली ने डोप टेस्ट की चुनौती स्वीकार की

  3. रविवार सुबह 11 बजे खन्ना सिविल अस्पताल में होगा टेस्ट

विपन भारद्वाज, खन्ना। खन्ना की राजनीति में विकास कार्यों को लेकर शुरू हुआ सियासी वार-पलटवार अब डोप टेस्ट के मुद्दे तक पहुंच गया है। कैबिनेट मंत्री एवं खन्ना के विधायक तरुणप्रीत सिंह सौंध और शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज यादविंदर सिंह यादू ने रविवार सुबह 11 बजे खन्ना सिविल अस्पताल में डोप टेस्ट करवाने का ऐलान किया है।

यादू और सौंध ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली को भी इस चुनौती में शामिल होने का न्योता दिया तो उन्होंने भी इस चुनौती को स्वीकार कर लिया। दरअसल, यह पूरा सियासी घटनाक्रम नगर कौंसिल की मासिक बैठक के बाद आयोजित एक कार्यक्रम से शुरू हुआ।

यहां संबोधन के दौरान मंत्री सौंध ने खन्ना हलके में पिछली सरकारों के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस और अकाली दल को घेरा। सौंध ने कहा कि अगर पिछली सरकारों के प्रतिनिधियों ने खन्ना में विकास के काम करवाए हैं तो वे उनके साथ सार्वजनिक मंच पर ओपन डिबेट करें।

खन्ना की सियासत में हलचल

मंत्री के इस बयान के बाद खन्ना की सियासत में हलचल तेज हो गई। शनिवार शाम अकाली दल के हलका इंचार्ज यादविंदर सिंह यादू ने प्रेस कान्फ्रेंस कर सौंध के ओपन डिबेट चैलेंज को स्वीकार करने का ऐलान किया।

यादू ने कहा कि समय और स्थान मंत्री सौंध अपनी सुविधा के मुताबिक तय कर सकते हैं, वे बहस के लिए तैयार हैं, लेकिन यादू ने यहीं बात खत्म नहीं की। उन्होंने मंत्री को डोप टेस्ट का चैलेंज दे दिया। यादू ने ऐलान किया कि रविवार सुबह 11 बजे वे खुद खन्ना सिविल अस्पताल पहुंचकर डोप टेस्ट करवाएंगे और मंत्री सौंध को भी साथ टेस्ट करवाने के लिए कहा।

रविवार 11 बजे हो सकता है टेस्ट

यादू ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली को भी इस चुनौती में शामिल होने का आह्वान किया। इसके बाद मंत्री सौंध ने भी डोप टेस्ट करवाने पर सहमति जताते हुए कहा कि वे रविवार सुबह 11 बजे सिविल अस्पताल में टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने खन्ना की स्थानीय राजनीति का मुद्दा ही बदल दिया है। जिस सियासी बहस की शुरुआत “खन्ना में किस सरकार ने कितना विकास कराया?” से हुई थी, वह अब “कौन डोप टेस्ट करवाने को तैयार है?”

के सवाल तक पहुंच गई है। यादू ने टेस्ट को लेकर एक और शर्त रखी है। उनका कहना है कि टेस्ट केवल पंजाब की लैब तक सीमित न रहकर देश के दूसरे राज्यों की लैब से भी करवाया जाए, ताकि टेस्ट की विश्वसनीयता को लेकर कोई सवाल न उठे।

मंत्री सौंध ने भी यह शर्त स्वीकार करते हुए कहा कि विरोधी जिस लैब में चाहें, वहां टेस्ट करवाया जा सकता है। अब रविवार सुबह 11 बजे खन्ना सिविल अस्पताल में होने वाला यह घटनाक्रम स्थानीय राजनीति में खासा चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, डोप टेस्ट का परिणाम आने तक किसी व्यक्ति के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

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