पंजाब में 20 हजार नाम हटे पर एक भी आपत्ति दर्ज नहीं हुई, सुनील जाखड़ ने राजनीतिक दलों से पूछे सवाल
भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने पंजाब में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर राजनीतिक दलों से पूछा कि उन्होंने कितनी आपत्तियां दर्ज ...और पढ़ें

वोटर लिस्ट विवाद पर सुनील जाखड़ का राजनीतिक पार्टियों पर प्रहार।
HighLights
जाखड़ ने राजनीतिक दलों से मतदाता सूची आपत्तियों पर सवाल उठाए
पंजाब सरकार पर केंद्र की योजना का श्रेय लेने का आरोप लगाया
पुलिस की ढिलाई और बच्चों के मामलों में निष्क्रियता पर चिंता जताई
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राजनीतिक दलों से पूछा है कि अगर उन्हें मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका थी तो उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कितनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब में भी मतदाता सूची को लेकर पूरी प्रक्रिया चली है। बूथ स्तर के अधिकारियों ने घर-घर जाकर सत्यापन किया, दावे-आपत्तियां लेने की प्रक्रिया हुई और इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई। ऐसे में अब लोकतंत्र खत्म होने जैसे आरोप लगाने वाले दल यह बताएं कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष कितनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
जाखड़ ने कहा कि वह दस्तावेजी रिपोर्ट के आधार पर बात कर रहे हैं और अगर कोई उन्हें गलत साबित करने के तथ्य देता है तो वह उस पर बात करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में पांच जून से प्रक्रिया शुरू होने के बाद अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संबंधित जानकारी जुटाई।
जाखड़ ने उठाए सवाल
बीएलओ-1 और बीएलओ-2 स्तर पर सत्यापन किया गया। तीन अगस्त को बूथ स्तर पर बैठकर लोगों की शिकायतें और दावे-आपत्तियां भी ली गईं। इसके बाद 13 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई और 13 अगस्त से 12 सितंबर तक आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया।
जाखड़ ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की ओर से मतदाता सूची को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वास्तव में इतनी बड़ी गड़बड़ी हुई है तो संबंधित अधिकारियों के समक्ष कितनी आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद जानकारी हासिल की है और जिस प्रक्रिया के तहत करीब 20 हजार मतदाताओं के नाम हटाए गए, उसमें एक भी आपत्ति दर्ज नहीं की गई। जाखड़ ने इसे लेकर सवाल किया कि राजनीतिक दलों ने निर्वाचन अधिकारियों के पास जाकर अपने दावे क्यों नहीं रखे।
उन्होंने कहा कि देश के दूसरे हिस्सों में मतदाता सूची और फार्म छह को लेकर जो प्रक्रिया चल रही है, वैसी प्रक्रिया पंजाब में भी लागू हुई है। पंजाब में करीब 22 लाख मतदाताओं को फ्लैग किया गया था और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनकी जानकारी की जांच की गई।
जाखड़ ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अधिकार सभी को दिया गया था। ऐसे में राजनीतिक दलों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने उस दौरान कितनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
पुलिस पर भी साधा निशाना
जाखड़ ने पंजाब में एक बच्ची से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से 18 तारीख को शिकायत दी गई। स्पीड पोस्ट, ईमेल और फैक्स के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई गई। पुलिस अधिकारियों और एसपी तक भी शिकायत भेजी गई, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं आया।
उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्ची किसी मामले को उठाती है और उसके बाद उसके साथ गलत होता है तो यह गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी है कि शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करे। जाखड़ ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से इस तरह के मामलों को उठाया जाएगा और बच्चों के साथ होने वाले अत्याचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र की योजना को अपना बताने का आरोप
जाखड़ ने पंजाब सरकार पर केंद्र की योजना को अपनी उपलब्धि बताकर प्रचारित करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अखबारों में बड़े विज्ञापन देकर अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है। विज्ञापन में 40 प्रतिशत से अधिक एससी आबादी वाले 3763 गांवों के विकास की योजना का उल्लेख किया गया है।
जाखड़ के अनुसार यह प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना है, जो केंद्र सरकार की योजना है और जिसका पूरा वित्त पोषण केंद्र सरकार करती है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र की योजना को राज्य सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सरकार पर जनता को गुमराह करने के लिए विज्ञापनों का सहारा लेने का आरोप लगाया।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब में सरकार के कामकाज को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं और सरकार को विज्ञापनों के बजाय तथ्यों के आधार पर जनता के सामने अपनी उपलब्धियां रखनी चाहिए।
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