जागरण संवाददाता, लुधियाना : युनाइटेड साइकिल एंड पा‌र्ट्स मेन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के बैनर तले औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों ने रीजनल कांप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (आरसीईपी) समझौते पर हस्ताक्षर न करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है। साथ ही उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि पक्के तौर पर इस समझौते को खत्म किया जाए।

मंगलवार को यूसीपीएमए दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रधान डीएस चावला ने कहा कि इससे साइकिल उद्योग समेत तमाम एमएसएमई को बड़ी राहत मिली है। उद्यमियों ने तर्क दिया है कि यदि भारत इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देता तो यहां की साइकिल समेत एमएसएमई इंडस्ट्री बर्बाद हो जाती और छोटी इकाइयां बंदी के कगार पर पहुंच जातीं। चावला ने कहा कि शीघ्र ही केंद्रीय मंत्रियों को बुलाकर उनका सम्मान किया जाएगा। चावला ने कहा कि आरसीईपी पर समझौता होने से मोदी सरकार का मेक इन इंडिया का नारा पूरी तरह से फेल हो जाता। चीन से होने वाले सस्ते आयात के समक्ष यहां की इंडस्ट्री टिक नहीं पाती और पूरा मेन्युफैक्चरिग बेस हिल जाता एवं उद्यमी ट्रेडर बन जाते। सरकार ने उद्योग को ड्रैगन की चपेट में आने से बचा लिया। उन्होंने कहा कि लुधियाना के उद्योगों ने एकजुटता के साथ इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी, केंद्र तक अपनी बात पहुंचाई। नतीजतन सरकार ने साइन न करके बड़ी राहत दी है।

इस अवसर पर फीको के चेयरमैन केके सेठ, प्रधान गुरमीत कुलार, चैंबर महासचिव पंकज शर्मा, हीरो साइकिल्स के वाइस चेयरमैन एसके राय, बराडो के प्रधान मनजिदर सिंह सचदेवा, निटवियर टेक्सटाइल क्लब के महासचिव चरणजीव सिंह, कुलवंत सिंह एनकेएच, गुरपरगट सिंह काहलों, रमेश गर्ग समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!