संवाद सूत्र, मालेरकोटला। Triple Talaq: एक पति ने अपनी पत्नी को निकाह से पौने दो वर्ष के बाद डाक के जरिए तलाकनामा केवल इसलिए भेज दिया, क्योंकि वह पैसे की डिमांड पूरी नहीं कर पा रही थी। कानून के नजरिए से देखा जाए तो यह गैरकानूनी है। मुस्लिम वूमेन एक्ट 2019 के तहत कोई भी मुस्लिम पति अपनी पत्नी को एक ही समय पर तीन बार तलाक शब्द कहकर तलाक नहीं दे सकता। उसे बकायदा कानूनी विधि के मुताबिक तलाक देना होगा। लड़की वालों के मुताबिक उसका ससुराल परिवार दहेज लाने के लिए उसे परेशान करता था। मना करने पर उन्होंने उसे घर से निकाल दिया।

पीड़ित लड़की ने एसएसपी मालेरकोटला को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि उसका निकाह 1 जनवरी 2019 को मुस्लिम रीति रिवाज से इंपायर रिसोर्ट मालेरकोटला में अरशद खां से हुआ था। निकाह से पहले रिंग सेरेमनी रानी पैलेस में की गई। उसके माता पिता ने निकाह के बाद लड़के वालों को सोने-चांदी के गहने, फर्नीचर, कपड़े का दहेज दिया, जबकि फोर्ड कार व फर्नीचर के लिए 10 लाख रुपये नकद अलग से दिए गए। निकाह के कुछ दिनों के बाद उसके पति व ससुराल परिवार ने उसे और 7 लाख रुपये लाने को कहा। जब उसने मना किया तो उन्होंने उसे बुरी तरह से पीटा और फिर घर से निकाल दिया। अब उसे डाक के जरिए उसके पति ने तलाकनामा भेज दिया है।

डीएसपी मालेरकोटला ने शिकायत की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि अरशद खान ने दो और लोगों की गवाही डलवाकर 500 रुपये के अस्टाम पर एक तलाकनामा डाक के जरिए लड़की के घर भेजा है। उसे मालूम था कि तीन तलाक कानूनी जुर्म है, इसलिए उसने डाक के जरिए प्रक्रिया को अंजाम दिया। पति, सास व जेठ पर मामला दर्ज कर लड़की के बयान पर वूमेन पुलिस थाना मालेरकोटला द्वारा उसके पति अरशद खां, सास शमीम नाज व जेठ अमजद खान निवासी अजीमपुरा के खिलाफ आइपीसी की धारा 498 ए और 406 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनाें की गिरफ्तारी बाकी है।

Edited By: Kamlesh Bhatt