लुधियाना, [भूपेंदर सिंह भाटिया]। Kolkata Encounter : गैंगस्टर जयपाल भुल्लर और जसप्रीत सिंह को कोलकाता के सुखोबृष्टि हाउसिंग कांप्लेक्स में फ्लैट नंबर 201 किराये पर दिलवाने के लिए भरत ने अपने साथी सुमित के पहचान पत्र और आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। दोनों गैंगस्टर जगराओं में दो पुलिस अधिकारियों की हत्या करने के बाद कोलकाता पहुंचे थे। सुमित पंजाब पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर जयपाल के साथी भरत कुमार के साथ मिलकर टेलीकाॅम कंपनियों के मोबाइल नंबरों और फैंसी मोबाइल नंबरों को गैर-कानूनी तरीके से महंगे दाम पर बेचने का धंधा करता था। इन्होंने कई फैंसी नंबर गैंगस्टरों को भी मुहैया करवाए थे।

भरत कुमार से पूछताछ में सामने आईं जानकारियों के बाद पंजाब पुलिस ने सुमित को हरियाणा से गिरफ्तार किया था। पंजाब पुलिस की जांच में अब तक सामने आया है कि किराये पर फ्लैट मिलने से पहले कोलकाता में जयपाल और जसप्रीत न्यू टाउन इलाके में एक होटल में छिपे थे। होटल का इंतजाम भी भरत कुमार ने ही किया था। इस होटल में भी भरत ने सुमित के पहचान पत्र का इस्तेमाल किया था। जयपाल व जसप्रीत होटल के कमरे से बाहर नहीं निकलते थे।

पुलिस अब इस बात की जांच भी कर रही है कि भरत व सुमित ने और कितने गैंगस्टरों की मदद की है। वहीं एनकाउंटर में पंजाब पुलिस का साथ देने वाली कोलकाता की स्पेशल टास्क फोर्स के एक अधिकारी ने कहा कि क्योंकि गैंगस्टर किराये के फ्लैट में एक ही कमरे में थे इसलिए उन पर जल्दी काबू पा लिया गया। अगर वह अलग-अलग कमरों में होते तो वह पुलिस टीम पर हमला कर सकते थे।

 

-- कांस्टेबल की आइडी का भी हुआ उपयोग

जयपाल और जसप्रीत को ग्वालियर से कोलकाता ले जाने के लिए रास्ते में आने वाली सभी टोल प्लाजा पर पंजाब पुलिस के एक कांस्टेबल अमरजीत सिंह के आइडी कार्ड प्रयोग किया गया था। सूत्रों के अनुसार भरत कुमार ने बताया है कि यह कांस्टेबल उसका और सुमित कुमार का दोस्त है। अमरजीत सिंह की आइडी उनके पास कैसे आई, अब पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

Edited By: Vipin Kumar