लुधियाना, जेएनएन। गैंगस्टर सुक्खा बाड़ेवालिया का साथी रहा बदमाश व नशा तस्कर धरमिंदरपाल उर्फ टिंकू जिला कचहरी परिसर में जेल गार्द को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने उसका पीछा भी किया, मगर वो हाथ न लगा। उसकी खबर मिलते ही पुलिस अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस को हाई अलर्ट कर दिया गया। शहर के सभी एंट्री व एग्जिट प्वाइंट बढ़ा दी गई है। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन को भी खंगाला गया। आस-पास के जिलों की पुलिस को उसके फोटो व डिटेल भेज अलर्ट कर दिया गया। देर रात समाचार लिखे जाने तक पुलिस की टीमें उसका सुराग लगाने में नाकाम रही। घटना शुक्रवार शाम 4 बजे की है। सेंट्रल जेल से पेशी के लिए लाए गए अन्य बंदियों के साथ उसे भी लाया गया था। तीसरी मंजिल स्थित मनीश अरोड़ा की अदालत में पेश करने के बाद उसे बाहर लाया गया। बाहर पुलिस की टीम उसे हथकड़ी पहनाने ही जा रही थी कि वह पुलिस मुलाजिमों को धक्का मार कर फरार हो गया। थाना डिवीजन पांच पुलिस उसके खिलाफ केस दर्ज करने में जुटी है।

बता दें कि 31 जुलाई को पुलिस की सीआइए-2 की टीम और एंटी नारकोटिक सेल टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बाड़ेवाल अवाना निवासी धरमिंदर पाल उर्फ टिंकू को गिरफ्तार किया था। उस समय वह राहों रोड स्थित गोल्डन एवेन्यू में किराए के मकान में रह रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर ताजपुर रोड डेयरी कांप्लेक्स से उसे काबू किया था। उसके कब्जे से एक किलो हेरोइन, 17 लाख कीमत की नई एमजी कार तथा 7.5 लाख रुपये ड्रग मनी के रूप में बरामद किए थे। उक्त कार उसने दस दिन पहले ही खरीदी थी।

जेल गार्द की वर्दी पहन जेल से भाग चुका है धरमिंदर

धरमिंदर पेशेवर मुजरिम है। पुलिस ने उसे गैंगस्टर सुक्खा बाड़ेवालिया के साथ पकड़ा था। वह 2008 में जेल से जेल गार्द की वर्दी पहन फरार हो गया था। उसने यह वर्दी जेल में प्रेस के लिए आने वाली पुलिस की वर्दियों में से चुराई थी और जेल की ड्योढ़ी से कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया था। पुलिस ने कुछ ही समय बाद इसे दोबारा काबू भी कर लिया था। पुलिस के अनुसार धरमिंदर सिंह के खिलाफ लूट की योजना बनाने, असलहा एक्ट, मारपीट और अदालत में पीओ होने के मामले दर्ज हैं। वह डेढ़ साल पहले ही जमानत पर आया था। एसीपी सिविल लाइंस जतिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस की टीमों को उसके पीछे लगा रखा है। जल्दी ही उसे काबू कर लिया जाएगा।

दिखाने के लिए कार बाजार में काम करता था धरमिंदर

पुलिस और आम लोगों को धोखे में रखने के लिए वह कार बाजार में पुरानी कारें खरीदने और बेचने का काम करता था। वह इन दिनों राहों रोड पर एक घर किराये पर लेकर रह रहा था। पिछले समय के दौरान जेल से आए आरोपितों की तलाश कर रही पुलिस की नजर में तब आया, जब उसने अचानक 17 लाख रुपये की गाड़ी खरीदी। किराये पर रहने के बावजूद लग्जरी गाड़ी खरीदने के कारण पुलिस उस पर नजर रखे हुए थी।

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Posted By: Vikas Kumar

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