यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब के पूर्व Gangster कुलबीर नरुआना की हत्या; साथी ने ही सीने में उतारीं चार गोलियां; दूसरे को गाड़ी से कुचला
Gangwar in Bhatinda शहर में पूर्व गैंगस्टर कुलबीर नरुआना की उसके ही साथी ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना ...और पढ़ें

बठिंडा, जागरण संवाददाता। Gangwar in Bhatinda: पूर्व गैंगस्टर कुलबीर नरुआणा (kulbir naruana) का बुधवार सुबह कत्ल कर दिया। यह हत्या किसी और नहीं, बल्कि उसके ही साथी मनदीप मन्ना ने की। मन्ना सुबह कुलबीर से मिलने के लिए आया था। जब वह वापस जाने लगा तो कुलबीर उसको छोड़ने के लिए गाड़ी तक आया। इस दौरान मन्ना ने कुलबीर को अपनी गाड़ी में बैठने के लिए कहा तो मन्ना ने पिस्टल से फायर कर दिया। इस बात का पता लगने पर जब कुलबीर के एक साथी ने उसकी गाड़ी घेरने की कोशिश की तो उस पर भी फायर कर गाड़ी से कुचल दिया, जिसकी मौत हो गई।
घटना में कुलबीर का एक अन्य साथी भी जख्मी हुआ है, जिसका बठिंडा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के समय कुलबीर के साथियों की तरफ से भी की गई फायरिंग के दौरान मन्ना भी जख्मी हो गया, जिसको पुलिस ने गांव घुद्दा के पास पकड़ लिया। जिसके बाद उसको सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां से फरीदकोट रेफर कर दिया।

बठिंडा के सिविल अस्पताल में मनदीप मन्ना काे उपचार के लिए लाया गया। (जागरण)
सिविल अस्पताल का मुख्य गेट भी बंद
वहीं वारदात के बाद एसएसपी भूपिंदरजीत सिंह विर्क की अगुआई में सिविल अस्पताल को पुलिस छावनी में बदल दिया। यहां तक कि सिविल अस्पताल का मुख्य गेट भी बंद कर दिया। जब तक मन्ना को किसी अन्य अस्पताल में रेफर नहीं किया गया, तब तक बठिंडा के सिविल अस्पताल को पुलिस छावनी में बदला रखा गया। जबकि मन्ना को जिस एंबुलेंस में रेफर किया गया, उसके आगे पीछे पुलिस की छह गाड़ियां थी।

सिविल अस्पताल की इमरजेंसी के गेट पर एसएसपी भूपिंदर जीत सिंह विर्क खुद खड़े हुए हैं। (जागरण)
इलाज के दौरान गाड़ी से असलाह बरामद
दूसरी तरफ अस्पताल में चल रहे मन्ना के इलाज के दौरान एक व्यक्ति की गाड़ी से पुलिस ने असलाह भी बरामद किया। मगर जांच करने के बाद पता लगा कि वह लाइसेंसी है। वहीं कुछ दिन पहले भी कुलबीर नरुआणा पर रिंग रोड पर फायरिंग हुई थी, जिस दौरान वह अपनी बुलेट प्रूफ गाड़ी में होने के कारण बच गया। पुलिस के अनुसार अब कुलबीर के सात गोलियां लगी हैं, जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मन्ना ने कुलबीर को मारने के बाद गाड़ी को भी बदला, जिसको आगे पुलिस ने काबू कर लिया।
21 जून काे भी हुआ था हमला
पूर्व गैंगस्टर कुलबीर सिंह नरुआणा पर गत 21 जून की रात रिंग रोड पर जानलेवा हमला हुआ था। इसकी जिम्मेदारी भल्ला सेखू सहित दो नौजवानों ने ली थी। दोनों ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट डालकर नरुआणा पर गोलियां चलाने का दावा किया था। भल्ला सेखू ने पोस्ट में कहा है कि नरुआणा पर उसने और फतेह नागरी ने फायरिंग की, जबकि नरुआणा की तरफ से दो और लोगों का नाम पर्चे में दर्जा करवाया गया था, जिन्हें वह जानते तक नहीं हैं। न ही उनका कोई मेल-मिलाप है। कुलबीर नरुआणा की गाड़ी पर कुछ लोगों ने अंधाधुंध फायरिग कर दी थी। गाड़ी बुलेट प्रूफ होने के कारण नरुआणा व उसके साथी बाल-बाल बच गए थे।
