जासं, खन्ना : मलौद के गांव धोल खुर्द के किसान गुरमेल सिंह ने कर्ज से परेशान होकर कीटनाशक पीकर जान दे दी। इसके बाद किसान की मौत की वजहो पर पर्दा डालने के मकसद से उसकी जेब में रखा सुसाइड नोट दो लोगो ने निकाल कर फाड़ने की कोशिश की। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर नौ लोगो के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज किया है।

मलौद थाना पुलिस ने मंगा सिंह पुत्र गुरमेल सिंह निवासी करतारपुर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गुरमेल सिंह पुत्र बख्शीश सिंह निवासी धोल खुर्द, शेर सिंह पुत्र बचन सिंह निवासी करतारपुर, साधू सिंह निवासी कुलाहड़, राम सिंह निवासी कुलाहड़, राज सिंह पुत्र हरदेव सिंह निवासी करतारपुर, जसपाल कौर पत्नी हरदेव सिंह निवासी अब्दुलापुर तहसील बस्सी पठाना जिला फतेहगढ़ साहिब, मनिदरजीत सिंह पुत्र बचन सिंह निवासी अब्दुलापुर तहसील बस्सी पठाना जिला फतेहगढ़ साहिब, हरदेव सिंह पुत्र बचन सिंह निवासी अब्दुलापुर तहसील बस्सी पठाना जिला फतेहगढ़ साहिब, कुलवंत सिंह पुत्र करतार सिंह निवासी घुडाणी खुर्द थाना पायल के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार उसके पिता गुरमेल सिंह (65) के पास 7 बीघा जमीन थी। उन्हें खेतीबाड़ी में घाटा पड़ने कारण तथा उसके छोटे भाई को इंग्लैंड भेजने के बाद भी वहां सेट न होने के कारण गुरमेल सिंह को अपने हिस्से की जमीन बेचनी पड़ गई थी। गुरमेल सिंह ठेके पर जमीन लेकर खेती करता था। कर्ज से वह मानसिक तौर पर परेशान रहता था। 22 फरवरी को करीब साढ़े 3 बजे गुरमेल सिंह ने पशुवाड़े में पड़ी कीटनाशक दवाई पी ली थी। जिस कारण उसे गुरु नानक अस्पताल राड़ा साहिब दाखिल कराया गया था। 24 फरवरी को सुबह साढ़े 5 बजे गुरमेल सिंह की मौत हो गई।

पैसे लेने के बाद वापस नही किए कागज

मौत के बाद जब गुरमेल सिंह के कपड़ो की तलाश ली गई तो जेब में से 120 रुपये के साथ सुसाइड नोट भी मिला। सुसाइड नोट में आरोपितो को गुरमेल सिंह ने मौत के लिए जिम्मेवार ठहराया है। आरोप है कि इन्होने उधार के पैसे वापस लेने के बाद भी कागज वापस नही किए और आरोपितो ने उससे 3 लाख 27 हजार रुपये की ठगी की। सुसाइड नोट की फोटो शिकायतकर्ता ने दोनो तरफ से मोबाइल में खीचने के बाद सुसाइड नोट दोबारा जेब में ही डाल दिया था।

सुसाइड नोट फाड़ने वालो पर भी केस दर्ज

गांव का लखवीर सिंह और पिदर सिंह अस्पताल में उनके पास आए तथा शव के पास बैठ गए। शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्य डाक्टर के पास थे कि वापस आकर देखा तो जेब में सुसाइड नोट नही था। शिकायतकर्ता मलौद थाना में शिकायत करने जा रहा था तो उसे रास्ते में लखवीर सिंह तथा पिदर सिंह मिले जिनसे सुसाइड नोट के बारे में पूछा गया। शिकायतकर्ता अनुसार लखवीर सिंह ने माना कि उसने सुसाइड नोट निकालकर पिदर सिंह को पकड़ा दिया था। वही पिदर सिंह ने माना कि उसने सुसाइड नोट फाड़ दिया। इन दोनो के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।

 

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