जागरण संवाददाता, लुधियाना : स्वच्छता रैंकिंग में लुधियाना शहर की हालत कोई संतोषजनक नहीं है। पिछले साल 140वें नंबर पर था तो इस बार 137 पर पहुंचा है। रैंकिंग में पिछड़ने का सबसे बड़ा कारण कूड़ा प्रबंधन भी रहा। इसके बावजूद शहर में कूड़ा प्रबंधन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। शहर की सड़कों के किनारे बने कूड़ा डंपों पर हालत यह है कि कूड़ा डंप के बजाय सड़क पर ही डाला जा रहा है, जिससे शहर की सुंदरता पर भी ग्रहण लग रहा है और वहां से निकलने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शहर में कुल 58 कूड़ा डंप हैं और 400 के करीब कूड़ा कंटेनर लगाए गए हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों से कूड़ा एकत्रित करके लाने की जिम्मेदारी नगर निगम के सफाई कर्मियों के साथ-साथ एटूजेड कंपनी के पास है। निगम और कंपनी के मुलाजिम कूड़ा डंप के अंदर कूड़ा गिराने के बजाए बाहर ही कूड़ा गिरा देते हैं, जिसकी वजह से यह कूड़ा सड़क पर बिखर जाता है और वहां से लोगों का आना जाना भी मुश्किल हो जाता है। कंपनी भी समय पर यहां से कूड़े की लिफ्टिंग नहीं कर पाती है, जिसकी वजह से समस्या और भी खतरनाक हो जाती है। यह हालत रही तो नहीं सुधरेगी रैंकिंग

शहर के कूड़ा डंप पर अगर कूड़े की मैनेजमेंट सही तरीके से नहीं की गई तो आने वाले साल में भी रैंकिंग में सुधार होना मुश्किल है क्योंकि स्वच्छता रैंकिंग में शहर के वेस्ट मैनेजमेंट के भी अंक होते हैं।

Posted By: Jagran

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