यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कूड़ा प्रबंधन एवं सफाई के दावे ढेर, शहर में कूड़े के अंबार
मेयर-नगर निगम कमिश्नर ने दीवाली से पहले शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष मुहिम चलाई और दावा किया था कि शहर में कूड़े के अंबार नहीं लगने देंगे।

जागरण संवाददाता, लुधियाना : मेयर-नगर निगम कमिश्नर ने दीवाली से पहले शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष मुहिम चलाई और दावा किया था कि शहर में कूड़े के अंबार नहीं लगने देंगे। दीवाली से पहले निगम ने सभी सेकेंडरी डंप पूरी तरह खाली कर भी लिए थे, लेकिन दीवाली के बाद शहर का कूड़ा प्रबंधन पूरी तरह चरमरा गया। शहर में न तो सही तरीके से सफाई हो पाई और न ही सेकेंडरी डंपों से कूड़े की लिफ्टिंग। नतीजा यह है कि शहर के ज्यादातर सेकेंडरी डंपों पर कूड़े के अंबार लगे हैं। निगम अफसरों की मानें तो पूरे कूड़े की लिफ्टिग के लिए दो से तीन दिन लग जाएंगे।
लुधियाना शहर में सामान्यत: 1100 से 1200 टन कूड़ा निकलता है। दीवाली से पहले कूड़े में बढ़ोतरी हो जाती है और यह 1800 टन तक पहुंच जाता है। निगम ने दीवाली से पहले अपने टिप्पर लगाकर सेकेंडरी डंप खाली करवाए। दीवाली के बाद भी कूड़ा 1800 टन से ज्यादा हो गया, जिसे कंपनी लिफ्ट नहीं कर पा रही। विश्वकर्मा डे व शनिवार को भी कूड़े की लिफ्टिंग धीमी रही, जिसकी वजह से सेकेंडरी डंपों के साथ साथ शहर की सड़कों पर भी कूड़ा जमा रहा। कई डंपों पर कूड़ा सड़क तक पहुंच गया। कूड़ा लिफ्ट करने वाली कंपनी के पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, जिसकी वजह से कूड़ा लिफ्टिंग में दिक्कत आ रही है। विश्वकर्मा डे व शनिवार की छुट्टी के कारण निगम के टिप्पर कूड़ा लिफ्टिंग के लिए नहीं आए।
सीनियर डिप्टी मेयर बोले, दो-तीन दिन में सामान्य होगी स्थिति
सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा ने बताया कि दीवाली और उसके बाद अचानक कूड़ा बहुत ज्यादा आ गया। इतनी बड़ी मात्रा में कूड़ा लिफ्ट करने में समय लग रहा है। उन्होंने बताया कि दो से तीन दिन में कूड़ा लिफ्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां कूड़ा सड़कों तक आ गया है वहां से पहले लिफ्ट करवा जा रहा है ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
