यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Punjab Congress Crisis: सांसद रवनीत बिट्टू बोले-अब केवल प्रदेश व कार्यकारी अध्यक्ष ही बोलेंगे, बाकी को चुप रहने के निर्देश
Punjab Congress Crisis सांसद बिट्टू अपनी ही पार्टी के नेताओं को कटघरे में खड़ा करने में आगे रहते हैं। अब ...और पढ़ें

राजेश भट्ट, लुधियाना। Punjab Congress Crisis: विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार और पार्टी में चल रही गुटबाजी को रोकने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने मीडिया में बयानबाजी करने वाले नेताओं के मुंह पर पट्टी बांध दी है। अब कांग्रेस का कोई भी नेता मीडिया के सामने आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगा पाएगा। पार्टी विरोधी बयानबाजी करने वालों पर भी पार्टी के सिर्फ अधिकृत नेता ही बात करेंगे। हाईकमान के इस आदेश का असर अब दिखने लगा है।
लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू अपनी ही पार्टी के नेताओं को कटघरे में खड़ा करने में आगे रहते हैं। अब पार्टी के निर्देश पर उन्होंने भी मुंह बंद कर लिया है। अब वो भी नवजोत सिंह सिद्धू और सुनील जाखड़ के खिलाफ बोलने से भी कतरा रहे हैं। बिट्टू ने साफ कह दिया कि हाईकमान ने अब गुटबाजी रोकने के लिए अपने नेताओं को बयानबाजी न करने के निर्देश दिए हैं।
बचत भवन में बैठक के बाद रवनीत सिंह बिट्टू से जब पूछा गया कि प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व कार्यकारी प्रधान भारत भूषण आशु इन दिनों पार्टी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, जो उन्हें करनी भी चाहिए। वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू लगातार समानांतर पार्टी नेताओं से मिल रहे हैं। इससे पार्टी में फिर से गुटबाजी नहीं होगी। इस पर बिट्टू ने साफ कहा कि वो नवजोत सिंह सिद्धू पर कोई बात नहीं करेंगे।
वहीं, सुनील जाखड़ को दिए गए नोटिस और उनके जवाब न दिए जाने पर भी उन्होंने कह दिया कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। इस पर भी वह मीडिया से कोई बात नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इन सब बातों पर पार्टी के अधिकृत लोग ही बात करेंगे। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग व भारत भूषण आशु को हाईकमान ने नियुक्त किया है, वो इस पूरे मामले को देख रहे हैं। बिट्टू के इस तरह चुप रहने का मतलब है कि हाईकमान ने उन्हें भी बयानबाजी न करने की नसीहत जरूर दी है।
प्रधान पद की दौड़ में थे बिट्टू, इसीलिए कर रहे थे सिद्धू पर जुबानी हमले
रवनीत सिंह बिट्टू सुनील जाखड़ के बाद लगातार प्रधान पद के दावेदार के तौर पर खुद को पेश करते रहे। लेकिन पहले हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को प्रधान बनाया और अब अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को। रवनीत सिंह बिट्टू सिद्धू के प्रधान बनने से पहले और प्रधान बनने के बाद भी लगातार उन पर निशाने साधते रहे। हार के बाद जब उनसे इस्तीफा लिया गया तो बिट्टू ने फिर से उनके खिलाफ मोर्चा खोला और मीडिया में जमकर उनके खिलाफ कहा।
केजरीवाल को मिल गया पंजाब सरकार का हेलीकाप्टर
बिट्टू ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति पर कुछ नहीं कहा लेकिन आम आदमी पार्टी पर जमकर हमले किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद को आम आदमी बताते हैं और वो जिन सुविधाओं को ले रहे हैं वो आम आदमी की नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के पास अपना हेलीकाप्टर नहीं है इसलिए वो चंडीगढ़ आते हैं और यहां से पंजाब के मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर में बैठकर उड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि वो दिल्ली से पंजाब की सरकार को चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल भगवंत मान से झूठ बुलवाना बंद करें।
दिल्ली फाइल्स के साथ पंजाब फाइल्स भी बने
रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि कश्मीर फाइल्स के बाद दिल्ली फाइल बनाने वाले पंजाब फाइल्स भी बनाएं। उन्होंने कहा कि पंजाब ने भी आतंकवाद का दौर झेला है और अपने कई लोगों को खोया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में अमन शांति लाने के लिए कई लोगों को अपनी जान देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनके दादा को भी अपनी शहादत पंजाब की शांति के लिए देनी पड़ी।
