जागरण संवाददाता, लुधियाना। National Cyber ​​Security: अब विद्यार्थी नेशनल साइबर सिक्योरिटी के बारे भी जागरूक हो सकेंगे। दिनों-दिन साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जहां तक विद्यार्थियों की बात हैं तो वह अपना ज्यादातर समय गैजेट्स का उपयोग करने में बीताते हैं। विद्यार्थियों के लिए क्या सही है और क्या नहीं, उन्हें किन चीजों से सावधान रहने की जरूरत है, विद्यार्थियों में इसकी जागरूकता जरूरी है। यूनिवर्सिटी ग्रांटस कमिश्न (यूजीसी) ने विभिन्न यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर्स को हिदायतें जारी की है कि वह यूनिवर्सिटी से संबंधित कालेजों में अक्तूबर माह नेशनल साइबर सिक्योरिटी माह-2021 के तौर पर मनाएं।

इस साल का थीम डू यूअर पार्ट, बी साइबर स्मार्ट रखा गया है। थीम अपने आप में ही सशक्त और साइबर क्राइम से बचाव का संदेश देता है। यूजीसी ने कहा कि कालेज इसके लिए कांफ्रेंसिस, सेमिनार, वर्कशाप, क्विज, पोस्टर्स मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करें ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों की भागीदारी इसमें हो सके। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए इसे प्रमोट किया जाए, साइबर जागरूकता वीडियो क्लिपस, रेडियो टाक्स इत्यादि का आयोजन किया जाए। कालेज जो भी प्रतियोगिताओं का आयोजन करें उसका सभी ब्यौरा यूजीसी के पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए।

यूजीसी की पहल सराहनीय

आर्य कालेज की प्रिंसिपल डा. सविता उप्पल की माने तो यूजीसी की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कालेज आवश्यक तौर पर उक्त पहल पर अपनी भागीदारी निभाएगा। उनके मुताबिक वर्तमान में अपराध बहुत ही बढ़ रहा है और ज्यादातर विद्यार्थी भी इलेक्ट्रानिक गैजेट्स में लगे रहते हैं। बहुत से एेसे विद्यार्थी भी है, जिन्हें साइबर क्राइम के बुरे प्रभावों के बारे पता तक नहीं है। विद्यार्थियों को इस संबंधी जागरूक करने के लिए कालेज इस माह विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करेगा और लाजिमी तौर पर विद्यार्थियों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित भी करेगा। रामगढ़िया गर्ल्स कालेज की प्रिंसिपल डा. राजेश्वरपाल कौर ने भी यूजीसी के नेशनल साइबर सिक्योरिटी के बारे विद्यार्थियों को जागरूक करने के प्रयास को सराहा है उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इस संबंधी भाग लेने के लिए जरूर प्रेरित करेंगी।

Edited By: Vipin Kumar