जासं, लुधियाना : चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एवं कामर्शियल अंडरटेकिग (सीआइसीयू) की ओर से इंडस्ट्री की प्रोडक्शन को बेहतर करने और छोटी-छोटी कमियों से एक्सपोर्ट में रिजेक्शन को कम करने के लिए एक चार दिवसीय वर्कशॉप 11 से 14 अगस्त तक आयोजित करेगी। इस दौरान फेलियर मोड एवं इफेक्ट एनालाइसिस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

ऑटोमेटिव सेक्टर स्टैंडर्ड इंटरनेशनल ऑटोमेटिव टास्क फोर्स (आइएटीएएफ 16949-2016) अब ऑटो सेक्टर में सबसे अच्छा स्टैंडर्ड माना जाता है। बड़ी कंपनियां इसके साथ ही गुणवंता के मानकों को तय करती हैं। इसका एक अहम मोड आइएटीएफ 16949 है। इसके माध्यम से किसी भी उत्पाद से निर्माण से पूर्व इसकी पूर्ण बारीकियों को जाना जाता है। इसमें पूर्ण प्रैक्टिस को लिया जाता है। इसमें कच्चे माल से लेकर निर्माण कर डिस्पैचिग तक सारे फेक्टरों को कवर किया जाता है। चार दिवसीय इस वर्कशॉप में उद्यमियों को प्रोसैसिग के दौरान के संभावित समस्याओं को पहला ही निपटारा करने की ट्रेनिग दी जाएगी।

इस वर्कशॉप में बतौर मुख्य वक्ता तारण इंडस्ट्री के सीईओ और एनपीसी एवं क्वालिटी काउंसिल से मान्यता प्राप्त कंसल्टेंट एसबी सिंह उपस्थित होंगे। प्रधान उपकार सिंह आहुजा ने कहा कि आज इंडस्ट्री में ऑटो सेक्टर को लेकर तेजी से विस्तार हो रहा है। एमएसएमई कंपनियों को अग्रसर करने के लिए यह ट्रेनिग अहम है और इसे रिजेक्शन कम होने के साथ-साथ क्वालिटी प्रोडक्ट निर्माण में अहम सहयोग मिलेगा। बता दें कि चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एवं कामर्शियल अंडरटेकिग समय समय पर तकनीक के अपग्रेडेशन को लेकर कार्यक्रम आयोजित करता रहता है ताकि इंडस्ट्री का पहिया तेजी से घूमता रहे और लुधियाना का नम बना रहे।

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