जागरण संवाददाता, लुधियाना। जिले में कोरोना का प्रकोप कम हुआ ही था कि पहले डेंगू और अब चिकनगुनिया ने भी दस्तक दे दी है। न्यू माडल टाउन के आंबेडकर नगर में रहने वाले एक व्यक्ति में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। वह फिलहाल पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती है। इसके बाद से सेहत विभाग भी पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कारण, पंजाब में दो साल बाद जबकि लुधियाना में तीन बाद चिकनगुनिया का केस पाया गया है। जिले में इससे पहले साल 2018 में चिकनगुनिया का मरीज मिला था।

सिविल सर्जन डा. किरण आहलुवालिया ने बताया कि पटियाला के अस्पताल में दाखिल मरीज को 25 जून को बुखार हुआ था। नजदीक को क्लीनिक की दवा से आराम नहीं आया तो 26 जून को जीटीबी अस्पताल में भर्ती हुआ, वहां से 28 जून को डिस्चार्ज हो गया। उसके बाद आठ जुलाई को मरीज की जब तबीयत बिगड़ी तो वह इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा, जहां से उसे राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर किया गया। वहां हुए टेस्ट में वह दो दिन पहले चिकनगुनिया पाजिटिव पाया गया।

सिविल सर्जन ने बताया कि हमारी एंटी लार्वा टीमों ने मरीज के इलाके के करीब 30 घरों में सर्वे किया। इसके अलावा 60 घरों में मच्छरों की ब्रीडिंग चेक की गई और स्प्रे करवाई गई। लाउड स्पीकर व पंफ्लेट के जरिए इलाके के लोगों को डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

मीटिंग कर अधिकारियों को दिए निर्देश

डा. किरण ने कहा कि कोरोना के साथ-साथ डेंगू व चिकनगुनिया से निपटना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस चुनौती से लोगों के सहयोग से निपटा जाएगा। रविवार को जिले के सभी एसएमओ को मीटिंग बुलाई गई थी। इस मीटिंग में उन्हें कहा गया कि अपने अपने क्षेत्र में प्राइमरी हेल्थ सेंटर, कम्यूनिटी हेलथ सेंटर और अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटरों के अलावा सिविल अस्पतालों में डेंगू, चिकनगुनिया सहित बरसाती मौसम की वजह से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करें। स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू चिकनगुनिया से संबंधित पोस्टर लगाए जाएं।

सिविल अस्पताल में निशुल्क है स्पोर्टिव इलाज है नि:शुल्क

सिविल सर्जन डा. किरण आहलुवालिया ने कहा कि चिकनगुनिया और डेंगू के कई लक्षण मिलते-जुलते हैं। चिकनगुनिया में मरीज को बुखार होने से पहले जोड़ों में काफी तेज दर्द होता है। बुखार के साथ ठंड भी लगती है। इसके बाद तीन से चार दिन में ही पूरे शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। कई बार आंखें लाल हो जाती हैं। उल्टी आना, सिर दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, भूख न लगना, जी मिचलाना भी इसके प्रमुख लक्षण है। अगर किसी में नजर आएं तो वह सिविल अस्पताल में आकर जांच करवा सकता है। इसके अलावा भर्ती होकर स्पोर्टिव इलाज नि:शुल्क करवा सकता है।

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सावधानी बरतकर डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव संभव

डा. किरण ने कहा कि जिले में अब तक डेंगू के पांच और चिकनगुनिया के एक मरीज की पुष्टि हुई है। जिस मच्छर से डेंगू फलता है, उसी मच्छर के काटने से चिकनगुनिया भी होता है। इसलिए मच्छरों से बचाव को लेकर लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। पिछले एक सप्ताह से जिले में रोजाना बारिश हो रही है। जिसकी वजह से जगह-जगह पानी जमा हुआ होगा। डेंगू चिनकगुनिया फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में पैदाहोते है। ऐसे में जरूरी है कि घर के अंदर कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर साफ रखें। छतों पर टायर,प्लास्टिक के वेस्ट मैटीरियल न रखें। शरीर को ढक कर रखें। अगर घर से बाहर कहीं जा रहे हैं तो मच्छरों से बचाव के लिए लोशन का प्रयोग करें।

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जिले में डेंगू व चिकनगुनिया के मामले

साल----- डेंगू-----------चिकनगुनिया

2016---755--------------248

2017---1083------------11

2018----489--------------1

2019------1509-----------0

2020------1375-----------0

 

Edited By: Vikas_Kumar