खन्ना, (लुधियाना) जेएनएन। हाल ही में पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान मिलने को भाजपा की तरफ से बड़ा घोटाला करार दिया है। इसे लेकर कुछ तथ्य भी पार्टी ने सामने रखे हैं। खन्ना में भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनुज छाहड़िया ने इन पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए हैं कि कांग्रेस बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सत्ता की सीढ़ी चढ़ना चाहती है।

छाहडिया ने कहा कि सरकार द्वारा अपने शिक्षा स्तर में प्रथम स्थान और सुधार के लिए करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर खर्च किये गए हैं। परन्तु इस दिखावटी सुधार के पीछे भारत के सबसे बड़े शिक्षा शोषण को और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ की बात सामने आई है। कांग्रेस ने परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स में पहला स्थान पाने के लिए बड़े पैमाने पर गड़बड़ की है।

छाहड़िया ने प्रदेश ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष सुधीर सोनू , प्रदेश भाजपा सदस्य हरसिमन जीत सिंह, वरिष्ठ नेता बबला मेहता , रविन्द्र रवि, जसपाल सिंह कालीराओ को साथ लेकर की बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लिए विद्यार्थियों को भी नहीं बख्शा। भारत में पहली बार विद्यार्थियों की शिक्षा का शोषण हुआ है। यह ग्रेडिंग साल 2019-20 के लिए की गईं है। कांग्रेस सरकार यह बताए कि क्या उसने परीक्षा पास करने के लिए जरूरी प्रतिशत को घटाकर 20 प्रतिशत किया ? क्या पंजाब एचीवमेंट सर्वे के पेपर बच्चों द्वारा हल हुए या अधिकतर पेपरों को किसी ओर द्वारा हल करके भेजने की हिदायत दी गई ? क्या एचीवमेंट सर्वे के पेपर्स जिन फ़ोन से हल करके भेजे गए उन फ़ोन के आईपी एड्रेस चेक करवा सार्वजनिक किए जाएंगें ?

छाहड़िया ने पूछा कि कांग्रेस सरकार बताए कि कितने स्कूलों की बिल्डिंग सेफ्टी व फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट बी एंड आर विभाग द्वारा जारी हुए हैं ? जबकि प्राइवेट स्कूलों को यह हर साल ये सर्टिफिकेट लेने पड़ते हैं। क्या सरकार ने 7 दिन पहले 10 जून को पत्र लिखकर सभी को यह सर्टिफिकेट लेने को कहा है ? कांग्रेस सरकार बताए कि प्राइवेट स्कूलों से हर सेक्शन में 50 से ऊपर बढ़े बच्चों के लिए प्रति विद्यार्थी फीस पांच हजार की गई ? यह बढ़ी फ़ीस कहां जा रही है? कांग्रेस सरकार यह भी बताए कि वेलफेयर विभाग द्वारा एससी बच्चों को दी जाने वाली मुफ़्त किताबों का खर्च एजुकेशन बोर्ड़ को कितना दिया गया और कितने करोड़ बकाया हैं ?

कांग्रेस यह भी बताएं कि पंजाब सरकार द्वारा फाइनल परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये इकट्ठे किये गए परन्तु परीक्षाएं रद्द की गईं, तो क्या इकठे किये 100 करोड़ रुपये बच्चों को वापिस किए गए ? छाहड़िया ने उन बच्चों के भविष्य के प्रति चिंता जाहिर की जिनसे कांग्रेस ने खिलवाड़ किया है। छाहड़िया ने कहा कि वह इस सबकी जांच उच्च जांच एजेंसीयों से कराने की मांग करेंगे।

Edited By: Vipin Kumar