राजीव शर्मा, लुधियाना। कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से ही पंजाब में सियासी पारा चरम पर है। कांग्रेस में मुख्यमंत्री का नाम फाइनल करने के लिए चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक माथापच्ची चल रही है, लेकिन अभी तक सीएम का चेहरा सामने नहीं आया है। पार्टी में हर विकल्प पर विचार हो रहा है। कई नामों पर चर्चा चल रही है, जबकि राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार गर्म है।

दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर कैप्टन एवं सिद्धू के समर्थकों के बीच जुबानी वार चल रही है। साथ ही सीएम का चेहरा हिंदू हो या सिख, इसे लेकर भी अपने-अपने दावे हो रहे हैं। इन सबके बीच श्री आनंदपुर साहिब से कांग्रेस सांसद एवं वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने एक ट्वीट करके नई बहस एवं चर्चाओं को जन्म दे दिया है। तिवारी ने अपने ट्वीट में वर्ष 1989 में हुए नेशनल स्टूडेंट यूनियन आफ इंडिया की राष्ट्रीय कनवेंशन के दो फोटो पोस्ट किए हैं। साथ ही कमेंट किया है दिस वाज द कांग्रेस। इस ट्वीट के साथ पोस्ट किए फोटो में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी यूथ को संबोधित कर रहे हैं। इसके अलावा मंच पर मनीष तिवारी के अलावा मुकुल वासनिक, रमेश, आस्कर फर्नांडिस, शोभा थामस भी खासतौर पर नजर आ रही हैं।

मनीष तिवारी के इस ट्वीट के राजनीतिक पंडित अपने अपने ढंग से मायने निकाल रहे हैं। ट्वीट से यह साफ झलकता है कि यह असली कांग्रेस थी। आज की नवजोत सिंह सिद्धू वाली कांग्रेस को टकसाली पचा नहीं पा रहे हैं। जिस तरह से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आउट किया गया। मुख्यमंत्री खुद को अपमानित महसूस कर रहे थे। इसके बाद से बदले समीकरणों में सभी कद्दावर नेता अपनी जगह तलाश रहे हैं। इस स्थिति से कांग्रेस की छवि भी प्रभावित हो रही है।

कैप्टन समर्थक खेमे द्वारा नवजोत सिद्धू के खिलाफ भी सोशल मीडिया पर जमकर कमेंट डाले जा रहे हैं। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि यदि पंजाब में हिंदू चेहरे को मुख्यमंत्री बनाना है तो मनीष तिवारी भी प्रबल दावेदार हैं। पार्टी के सूत्र कहते हैं कि एक धड़े ने हाईकमान तक अपना संदेश भी पहुंचा दिया है कि यदि हिंदू चेहरे को सीएम बनाना है तो पंजाब के एकमात्र हिंदू सांसद मनीष तिवारी को सीएम की जिम्मेदारी दी जाए। फिलहाल कांग्रेस में सियासी घमासान चल रहा है।

Edited By: Kamlesh Bhatt