बठिंडा, [गुरप्रेम लहरी]। कोरोना संकट के बीच एंबुलेंस संचालक भी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने में जुट गए हैं।  दाे दिन पहले एक एंबुलेंस के मालिक ने तो सारी हदें पार करते हुए एक महिला मरीज को गुरुग्राम से लुधियाना जाने के लिए 1.20 लाख रुपये की पर्ची काट दी थी। इस बार पंजाब के जिला बठिंडा में भी वसूली का खेल भी शुरू हाे चुका है। यहां फरीदकोट मेडिकल कॉलेज से कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति की मृतक देह बठिंडा तक ले जाने एवं उतारने के लिए एंबुलेंस चालक दो हजार रुपये अधिक वसूल रहे हैं।

यह मामला उस समय सामने आया जब बठिंडा की नाैजवान वेलफेयर सोसायटी द्वारा एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दी। वीडियो में एंबुलेंस चालक साफ-साफ बोल रहा है कि शव को फरीदकोट से बठिंडा लाने का किराया 2 हजार बताया था। लेकिन उन्होंने शव को गाड़ी में रखा और उतारा है। इसके लिए अलग से दो हजार रुपये देने होंगे। चालक यह मांग शमशानघाट में शव को उतारने के बाद कर रहा था और पैसे न देने पर परिजनों से बहस कर रहा था।

प्रशासन की कमजोर कार्यशैली से बढ़ रही समस्या

प्रशासन की कमजोर कार्यशैली के चलते लाशों से भी कमाइयां करने का सिलसिला लगातार जारी है। बठिंडा एनएफएल टाउनशिप के क्वार्टर में रहने वाला एक गरीब व्यक्ति की काेराेना से माैत हाे गई थी। उसका शव फरीदकोट से एक प्राइवेट एम्बुलेंस से बठिंडा लाया गया। लेकिन यहां गरीब परिवार से दो हज़ार किराये के साथ  शव उठाने के और 2 हजार मांग रहा था। यानी कुल 4 हज़ार रुपये लेने पर अडिग हो गया। इसकी सूचना मिलने पर नोजवान वेलफेयर सोसायटी के वालंटियर मौके पर पहुंचे। प्राइवेट एंबुलेंस वाले को मानवता की दुहाई दी कि इतने कष्ट समय पर कम से कम गरीबों को तो छोड़ दें। लेकिन फिर भी बार-बार पैसे लेने की जिद्द पर अड़े प्राइवेट एंबुलेंस वाले को सोसायटी के वालंटियर ने अपनी तरफ से सात सौ रुपये दे दिए और पीड़ित परिवार से वह दो हज़ार रुपये अलग से ले गया।

 

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