लुधियाना [राजन कैंथ]। लुधियाना में पुलिस कमिश्नर की सख्ती के कारण पिछले दो साल से शहर में लाटरी व सट्टेबाजी की दुकानों को ताले लगे हुए हैं। एक समय था जब शहर में लाटरी व दड़े सट्टे की दुकानें धड़ल्ले के साथ चलती थीं। मगर अब वो सब दुकानें बंद हो गईं। जिसके बाद सट्टेबाजों का काम धंधा चौपट हो गया। मगर अब दुकानें खुलने का कोई रास्ता मिलता न देख, सट्टेबाजों ने भी इंटरनेट मीडिया का दामन थाम लिया। अपना काम चलाने के लिए सट्टेबाजों ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स का सहारा ले लिया। जिसके बाद अब शहर में आनलाइन सट्टेबाजी का काम धड़ल्ले से चल निकला। सट्टेबाज फेसबुक के पेज बना कर उन पर ग्राहकों को अपने व सट्टे के नंबर बता रहे हैं। व्हट्सएप पर उनके साथ चैट करके उनके नंबर नोट कर रहे हैं। व्हाट्सएप पर ही सट्टे का रिजल्ट बताया जा रहा है। उसके लिए फोन पे, पेटीएम और गुगल पे एप पर पेमेंट आ आदान प्रदान किया जा रहा है। फेसबुक पर इन दिनों सट्टा किंग फिक्सर (विशाल) का पेज बहुत चर्चा में है।

गाजियाबाद से चलाए जा रहे पेज की प्रोफोइल पर ब्लैक सट्टा की फोटो और मोबाइल नंबर दिया गया है। सट्टेबाजों के लिए वाल पर ही गली दिसावर हैकर का भी जिक्र है। उसके नीचे सिंगल जोड़ी में ब्लास्ट भी लिखा गया है। जो सट्टेबाजों के लिए कोडवर्ड है। दैनिक जागरण द्वारा की गई पड़ताल के दौरान कुछ ऐसी चैट भी हाथ लगीं, जिनमें सट्टेबाज व ग्राहकों के बीच में नंबर लगाने और रिजल्ट बताने का लेकर बातचीत चल रही है।व्हट्सएप पर ग्राहक को अटेेंड करने वाला बताता है कि नंबर कैसे लगेगा, पेमेंट कैसे जमा करानी होगी। रिजल्ट कहां दिया जाएगा। उसके बाद भुगतान कैसे होगा। उस प्रक्रिया में किसी प्रकार की ठगी नहीं होने का भी उसने विश्वास दिलाया।

ऐसा मामला अभी हमारे संज्ञान में आया नहीं है। फिर भी इसे चेक कराया जाएगा। इसमें संलिप्त जो भी लोग सामने आएंगे। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

-राकेश अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर।

Edited By: Vinay Kumar