लुधियाना, जेएनएन। कोरोना काल में साइबर ठगी के कई मामले सामने आए। इसमें ऐसा मामला भी सामने आया जिसमें प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता के नाम पर फर्जी ब्लॉगर बनाया गया और युवाओं को उसमें रजिस्ट्रेशन करवाने का कहकर फिर उनका डाटा चुराया। इसलिए आप सभी सावधान रहें। यदि आपको ऐसा कोई लिंक भेजे तो उस पर क्लिक न करें।

यह प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता के नाम पर फर्जी ब्लॉगर बनाया गया। शिकायत मिलने पर डीजीपी दिनकर गुप्ता के आदेश पर इसे ब्लॉक कर दिया गया है। इस ब्लॉगर में युवाओं को प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध करवाने के नाम पर रजिस्टर्ड किया जा रहा था। अब इस ब्लॉग के लिंक को खोलने पर संदेश आता है कि सरकारी योजना रजिस्टर्ड ब्लॉगस्पॉट डॉट कॉम को हटा दिया गया है। अब नए ब्लॉग के लिए यह पता उपयोग नहीं किया जा सकता।

कोरोना महामारी के दाैर में साइबर क्राइम में वृद्धि

उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के दाैर में साइबर क्राइम में लगातार वृद्धि हो रही है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाकर नौजवानों को पीएम बेरोजगारी भत्ता दिलवाने के नाम पर एक ब्लॉग बनाया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर प्रीतपाल सिंह बलिएवाल को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता को शिकायत की। डीजीपी ने तत्काल आइजीपी साइबर क्राइम मोहाली को इसकी जांच के आदेश दिए।

रजिस्ट्रेशन के बाद 4100 रुपये भत्ता मिलने का झांसा दिया

शिकायत पर जांच में पाया गया कि 2019 में प्रधानमंत्री बेरोजगारी भत्ता के नाम पर युवाओं को ब्लॉग में रजिस्टर्ड करने को कहा गया। रजिस्ट्रेशन के बाद प्रत्येक माह 4100 रुपये भत्ता मिलने की बात कही गई। रजिस्ट्रेशन के बाद सूचना आती थी कि आपका डाटा रजिस्टर्ड कर लिया गया है और अब आप बेरोजगारी भत्ता ग्राम पंचायत में ग्राम विकास अधिकारी से प्राप्त कर सकते हैं।

आगे 10 लोगों में लिंक शेयर करने के लिए कहा

रजिस्ट्रेशन के बाद युवाओं को बरगलाने के लिए आगे इस लिंक को 10 लोगों में शेयर करने के लिए कहा जाता था ताकि अन्य लोग भी बेरोजगारी भत्ते का लाभ उठा सकें। बलिएवाल ने बताया कि इस फर्जी साइट के जरिए साइबर क्राइम से जुड़े लोग लोगों का डाटा चुराकर साइबर क्राइम कर रहे हैं। इससे युवाओं को सावधान रहना चाहिए। डाटा चोरी करने के बाद ऐसे ठग इसका दुरुपयोग करते हैं।

 

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!