लुधियाना, जेएनएन। दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में वकीलों पर हुए हमले को अत्याचार बताते हुए स्थानीय वकील हड़ताल पर रहे। वकील समुदाय में इस घटना को लेकर भारी रोष पाया गया। उन्होंने एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट बनाये जाने की माग उठाई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर वकील पर गोली चलाए जाने व वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को अदालतों में कामकाज ठप रहा। लंबित केसों में सिर्फ तारीख ही पड़ी। जिला बार संघ के प्रधान अशोक मित्तल ने दावा किया की हड़ताल पूर्णतया कामयाब रही।

जिला बार संघ उप प्रधान राजेंद्र पाल सिंह बब्बर की ओर न्यायिक अधिकारियों को एक ज्ञापन दे हड़ताल में सहयोग करने का निवेदन किया गया था। हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाने के लिए उपप्रधान और कार्यकारिणी की ओर से अदालतों कि हर मंजिल पर अलग-अलग वकीलों की टीमें बनाई गई थीं, जिसके कारण कोई भी वकील अदालतों में हाजिर नहीं हो सकता था। जहां वकीलों की ओर से हड़ताल में पूर्ण सहयोग किया गया। वहीं, अदालतों ने भी दोपहर से पहले सभी मामलों में तारीख डालकर बार संघ का सहयोग किया। सोमवार की हड़ताल पूर्ण रूप से सफल रही। जिला बार संघ के पूर्व प्रधान परोपकार सिंह घुम्मन हरीश, हरीश राय ढांडा, केआरसी सीकरी, बलविंदर कुमार गोयल ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।

प्रोग्रेसिव लॉयर फ्रंट के चेयरमैन नवल किशोर छिब्बर व यंग लॉयर्स ब्रिगेड की प्रधान संजीव मल्होत्रा ने कहा कि वकीलों पर किसी प्रकार का अत्याचार बर्दाशत नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में ऐसी घटना होगी तो वह सख्त कदम उठाएंगे। उन्होंने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द से जल्द लागू करने का समर्थन किया। जिला बार संघ के उप प्रधान हरजोत सिंह हरि के गुण किरपाल सिंह गिल सुखविंदर सिंह भाटिया गगनदीप ¨सह सैनी ने भी हड़ताल में सक्रिय रूप से भाग लिया है।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!