जेएनएन, लुधियाना। मानसून की बारिश से जहां लोगों को भी खुशनुमा अहसास होता है, वहीं पौधों के फलने-फूलने के लिए भी यह सीजन सबसे उपयुक्त है। तभी तो सबसे अधिक पौधारोपण इसी सीजन के दौरान किया जाता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे लोग अनूठे तरीके अपना कर जहां सभी का ध्यान खींचते हैं, वहीं लोगों को भी इसके प्रति आकर्षित करते हैं।

पर्यावरण प्रेमी रोहित मेहरा ने भी नया प्रयास करते हुए 'टोल दो, सीड बाल लो, पर्यावरण संभालो मुहिम के तहत लाडोवाल टोल प्लाजा पर अपने साथियों के साथ पहुंच कर टोल से निकल रहे वाहन चालकों को सीड बॉल वितरित किए। केवल दो घंटे के अभियान के दौरान 25 हजार से अधिक सीड बाल वितरित कर दिए गए। आयकर विभाग में एडिशनल कमिश्नर रोहित मेहरा के साथ शहर के उद्यमी एवं कई स्वयं सेवी संगठनों से जुड़े लोग व पर्यावरण प्रेमी भी मौजूद रहे। रोहित ने कहा कि सप्ताह में एक बार इसी तरह टोल प्लाजा पर लोगों को सीड बाल वितरित किए जाएंगे। काबिलेजिक्र है कि वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन रहा है। पहले बच्चों को गर्मी एवं सर्दी की छुट्टियां होती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से स्मॉग वेकेशन भी होने लगी हैं। वायु प्रदूषण के खतरों को पर्यावरण संरक्षण के साथ ही कम किया जा सकता है। इसमें सीड बाल कारगर साबित हो रहा है।

रोहित का कहना है कि इस मुहिम को भी लोगों का अच्छा रिस्पांस मिला है। लोगों के लिए सीड बाल के लिफाफे बनवाए गए। एक लिफाफे में आठ सीड बाल पैक किए गए थे। रोहित पिछले डेढ़ साल में 21 लाख से अधिक सीड बाल तैयार करवा कर वितरित करा चुके हैं। इस अभियान में इस्कॉन, गोङ्क्षबद गोधाम, संकल्प, प्रवाज इत्यादि संगठनों का सहयोग मिला। लाडोवाल टोल प्लाजा पर वहां के प्रबंधक चंचल ङ्क्षसह के अलावा राधिका जेतवानी, मीरा नागपाल, रिटायर्ड सेशन जज बीके मेहता, भुवन गोयल, नङ्क्षरदर मित्तल, राजेश ढांडा, अनिल मेहता, एससी चौहान, गीतांजलि मेहरा, रीमा जगोता, समीता जैन, आशी जैन, संजय जैन समेत कई लोग मौजूद रहे।

इन पौधों के बीज लोगों को बांटे

टोल प्लाजा पर लोगों को सीड बाल में नीम, धरेक, गुलमोहरी, अशोका, आंवला, फालसा इत्यादि पौधों के बीज मिट्टी एवं खाद के गोले में वितरित किए गए। इनको जहां पर भी फैंका जाएगा। पौधा उग जाएगा। सीड बाल से पौधे निकलने का सक्सेस रेट अस्सी फीसद है।

Posted By: Sat Paul

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