जासं, लुधियाना : चंडीगढ़ रोड पर लोअर इनकम ग्रुप (एलआइजी) क्वार्टरों में 24 से अधिक युवकों ने दात, किरपान और लाठियों से आधे घंटे तक जमकर उत्पात मचाया। थाना नंबर 7 में महिलाओं ने खुद जाकर बताया, छह बार फोन किए फिर भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। तेजधार हथियार लेकर आए युवकों ने क्वार्टर में किराए पर रह रहे दंपती को बुरी तरह घायल किया है। वारदात के बाद पुलिस के इस रवैये के खिलाफ लोग भड़क गए।

फेसबुक पर फोटो अपलोड़ करने से पैदा हुआ विवाद

दरअसल मामला एलआइजी में रहती महिला की फोटो फेसबुक पर अपलोड करने से शुरू हुआ था। एलआइजी क्वार्टर निवासी किरण ने बताया कि उसका बड़ा भाई चरणजीत सिंह देवरानी राजविंदर कौर की फोटो फेसबुक पर अपलोड करता था। उसके देवर हरप्रीत सिंह ने चरणजीत को कई बार ऐसा करने से रोका। मगर वह बाज नहीं आ रहा था। सोमवार की रात को भी इसको लेकर विवाद हुआ था। मगर कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवा दिया। मगर रात को डेढ़ बजे चरणजीत महिलाओं और युवकों को साथ लेकर उनकी कॉलोनी में घुसा और हमला व मारपीट करते हुए राजविंदर कौर व उसके पति हरप्रीत सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया। थाने में शिकायत, कंट्रोल रूम पर फोन फिर भी कार्रवाई नहीं

किरण के अनुसार जैसे ही विवाद हुआ वह रात को अपनी देवरानी के साथ 11 बजे थाना नंबर 7 में गई थी। वहां पर दो ही पुलिस मुलाजिम थे। उन्होंने उनसे सहायता मांगी। मगर उनसे लिखित में लेकर और कुछ नहीं किया। बाद में जैसे ही डेढ़ बजे उन पर हमला हुआ तो चार बार कंट्रोल रूम पर फोन किया तो वहां से जवाब आया जल्दी मत करो कर्मचारी पहुंच जाएंगे। मगर अगले दिन 12 घंटे बाद 1.30 बजे दोपहर को एक पुलिस मुलाजिम अस्पताल पहुंचा जबकि मौके का किसी पुलिस अधिकारी ने मौके का जायजा लिया है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस घटना के बाद वारदात के बाद पांच मिनट पर मौके पर पहुंचने का दम भरने वाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वारदात के बाद छह बार पुलिस के संपर्क करने के 12 घंटे बाद पुलिस के हरकत में आना कई तरह के सवाल खड़े करता है। मोहल्ला निवासियों ने भी जाहिर किया गुस्सा

पुलिस की ढीली कार्रवाई को लेकर मोहल्ले के लोगों में भी गुस्सा पाया जा रहा है। मोहल्ला निवासी इकबाल कौर, मनजीत कौर, दीपिका और नीतिका ने कहा कि रात को करीबन आधे घंटे तक उनके एरिया में माहौल काफी तनावपूर्ण रहा मगर कोई पुलिस वाला दोपहर तक नहीं पहुंचा है। पुलिस की यह कार्रवाई गुंडा तत्वों को शह देने वाली है। मामला गंभीर जांच होगी : एसीपी

हां मेरे ध्यान में यह मामला आया है कि वारदात के बाद पीड़ित को पुलिस की सहायता देरी से मिली है। इतनी बड़ी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। मैंने थाने में हुई लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं। कंट्रोल रूम से रिस्पांस नहीं मिलने संबंधी सीनियर अधिकारियों को बता दिया है।

-पवनजीत सिंह, एसीपी ईस्ट।

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